Wednesday, December 19, 2018

Breaking News

   कुशल भ्रष्टाचार और अक्षम प्रशासन का मॉडल है कांग्रेस-कम्युन‍िस्ट सरकार-PM मोदी     ||   CBI: राकेश अस्थाना केस में द‍िल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 20 द‍िसंबर तक टली     ||   बैडम‍िंटन खि‍लाड़ी साइना नेहवाल ने पी कश्यप से की शादी     ||   गुलाम नबी आजाद ने जीवन भर कांग्रेस की गुलामी की है: ओवैसी     ||   बाबा रामदेव रांची में खोलेंगे आचार्यकुलम, क्लास 1 से क्लास 4 तक मिलेगी शिक्षा     ||   मैंने महिलाओं व अन्य वर्गों के लिए काम किया, मेरा काम बोलेगा: वसुंधरा राजे     ||   बजरंगबली पर दिए गए बयान को लेकर हिन्दू महासभा ने योगी को कानूनी नोटिस भेजा     ||   पीएम मोदी 3 द‍िसंबर को हैदराबाद में लेंगे पब्ल‍िक मीट‍िंग     ||   भगत स‍िंह आतंकवादी नहीं, हमारे देश को उन पर गर्व है- फारुख अब्दुल्ला     ||   अन‍िल अंबानी की जेब में देश का पैसा जा रहा है-राहुल गांधी     ||

फर्जी दस्तावेजों पर 22 सालों तक बना रहा प्रधानाध्यापक, मामला सामने आने पर हुआ फरार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
फर्जी दस्तावेजों पर 22 सालों तक बना रहा प्रधानाध्यापक, मामला सामने आने पर हुआ फरार

देहरादून। उत्तराखंड में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सालों से नौकरी करने वाले एक और शिक्षक का पता चला है। मामला एसआईटी को सौंपे जाने के बाद से आरोपी शिक्षक फरार है। बताया जा रहा है कि सल्ट इलाके के राजकीय प्राथमिक विद्यालय भीताकोट (सिराली बूड़ाकोट) में प्रधानाध्यापक के पद पर पिछले 22 सालों से नौकरी कर रहा है। उसके प्रमाणपत्रों पर शक होने के बाद शिक्षा अधिकारी ने इसकी जांच एसआईटी को सौंपी। इसके बाद से ही आरोपी प्रधानाध्यापक फरार बताया जा रहा है। 

गौरतलब है कि एसआईटी की जांच में आरोपी प्रधानाध्यापक के हाईस्कूल एवं इंटमीडिएट के प्रमाण पत्र फर्जी मिले थे तब से वह निलंबित चल रहा है। आरोपी प्रधानाध्यापक 22 साल से दूसरे के रोल नंबर वाले प्रमाणपत्रों के सहारे नौकरी कर रहा था। एसआईटी को मामला सौंपे जोन की खबर के बाद से आरोपी शिक्षक फरार है। जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद राजस्व पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। 

ये भी पढ़ें - हाईकोर्ट की सख्ती के बाद शिक्षकों ने आंदोलन लिया वापस, मांगों के पूरा होने की जताई उम्मीद


यहां बता दें कि उत्तराखंड के कई जिलों में फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी करने वालों का खुलासा हुआ था। इसमें सबसे ज्यादा हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में पाया गया था। आरोपी शिक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की संस्तुति कर दी गई है। बताया जा रहा है कि शिक्षक मूल रूप से उत्तरप्रदेश के बिजनौर का रहने वाला है। राजस्व पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 420, 467 और 468 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। 

Todays Beets: