Monday, October 22, 2018

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पर्यटन स्थल पर कचरा फैलाने वाले सावधान, जुर्माने के साथ होगी कानूनी कार्रवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पर्यटन स्थल पर कचरा फैलाने वाले सावधान, जुर्माने के साथ होगी कानूनी कार्रवाई

देहरादून। उत्तराखंड की खूबसूरती का दीदार करने के लिए आने वाले पर्यटक अब थोड़ा संभल जाएं। पर्यटन के दौरान आपके द्वारा बरती गई लापरवाही अब महंगी पड़ सकती है।  अगर आपने यहां घूमने के दौरान प्लास्टिक या पॉलीथिन का कचरा छोड़ा तो न सिर्फ जुर्माना भरना पड़ेगा, बल्कि कानूनी कार्रवाई का भी सामना करना पड़ सकता है। खबरों के अनुसार जागरूकता अभियान के बावजूद पर्यटकों के रवैये मंे कोई बदलाव नहीं आया इसके बाद अब जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है। 

गौरतलब है कि कुछ दिनों पहले डीएम मंगेश घिल्ड़ियाल द्वारा तुंगनाथ से चंद्रशिला तक चलाए गए सफाई अभियान में कई बोरे प्लास्टिक कचरा एकत्रित किया गया था। बता दें कि इससे पहले पर्यटकों के लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया था, अब जिला प्रशासन ने सख्ती करने का मन बना लिया है। 

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यहां बता दें कि उत्तराखंड में मिनी स्विट्जरलैंड के नाम से विख्यात चोपता, दुगलबिट्टा व बनियाकुंड सहित तृतीय केदार तुंगनाथ और चंद्रशिला के भ्रमण और यात्रा का संचालन चोपता व सारी गांव से किया जाता है। यहां पर स्थापित चेक पोस्टों को इस व्यवस्था को लागू करने के लिए स्थायी चौकी में बदला जाएगा। यहां वन विभाग और पुलिस के जवान नियमित तैनात रहेंगे। इन दोनों जगहों पर पर्यटकों और श्रद्धालुओं के सामान की जांच की जाएगी। अपने साथ प्लास्टिक की बोतल, कुरकुरे, चिप्स, चाॅकेलट और जूस के पैकेट ले जाने वाले पर्यटकों के नाम रजिस्टर में लिखे जाएंगे। 


गौर करने वाली बात है कि इन पर्यटकों से इन सामानों के बदले कुछ राशि जमानत के तौर पर ली जाएगी। यह राशि उन्हें उसी सूरत में वापस की जाएगी जब वे वापस लौटने पर अपने साथ ले गए सामानों के रैपर वहां जमा करेंगे। ऐसा नहीं करने पर उनकी राशि जब्त कर ली जाएगी। इसके अलावा अर्थदंड के साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर बुग्यालों को संरक्षित करने के लिए भी योजना तैयार कर ली गई है। जो भी पर्यटक अपने साथ पानी या जूस की प्लास्टिक बोतल साथ लाएगा, उससे टोकन मनी के रूप में कम से कम 2 सौ रुपये लिए जाएंगे जबकि कचरा वापस न लाने 5 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जा सकता है। जरूरत पड़ी तो एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। 

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