Friday, August 17, 2018

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राज्य में तबादला एक्ट हुआ पास, अब नहीं चलेगी सिफारिश या रसूख, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राज्य में तबादला एक्ट हुआ पास, अब नहीं चलेगी सिफारिश या रसूख, लापरवाही पर होगी कार्रवाई

देहरादून। अब राज्य में होने वाले तबादलों में कोई पैरवी या सिफारिश काम नहीं आएगी। राज्य सरकार ने सर्वसम्मति से तबादला एक्ट को पास कर दिया है। अब राज्यपाल डाॅक्टर केके पाॅल की मंजूरी के बाद यह कानून बन जाएगा। नए कानून के अनुसार 4 सालों से ज्यादा समय तक सुगम में सेवा दे चुके कर्मचारी का तबादला दुर्गम इलाके में किया जाएगा जबकि दुर्गम में तीन साल सेवा पूरी करने वाले सुगम में तबादले के पात्र हो जाएंगे। 

दुर्गम के बाद फिर मिलेगा सुगम का मौका

तबादला कानून के अनुसार दुर्गम क्षेत्र में 10 साल की सेवा दे चुके कर्मचारियों को  यह राहत अनिवार्य रूप से दी जाएगी। बता दें कि दुर्गम और सुगम कार्यस्थलों के निर्धारण का अधिकार प्रत्येक विभागाध्यक्ष या कार्यालयाध्यक्ष को दिया गया है। शासन, विभागाध्यक्ष, मंडल, जिले से लेकर प्रत्येक विभाग स्तर पर स्थायी स्थानांतरण समितियां गठित की जाएंगी। तबादला करवाने या रुकवाने की सिफारिश या दवाब देने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं एक्ट के अनुसार काम नहीं करने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई होगी। 

तीन प्रकार के होंगे तबादले

राज्य में तबादले केवल तीन तरह के ही होंगे। पहला सुगम से दुर्गम अनिवार्य, दूसरा दुर्गम से सुगम में अनिवार्य और तीसरा अनुरोध के आधार पर। वहीं, समूह ‘क’ और ‘ख’ के अधिकारियों को गृह जनपद में तैनाती नहीं दी जाएगी। प्रशासनिक आधार पर हटाए गए कर्मचारी को 5 साल तक उस पद पर दोबारा नियुक्ति नहीं मिलेगी। प्रथम नियुक्ति अनिवार्य रूप से दुर्गम क्षेत्र में ही दी जाएगी।

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तबादले में पारदर्शिता

दुर्गम से सुगम में अनिवार्य तबादले के पात्र कर्मचारियों से उपलब्ध खाली जगहों के आधार पर 10-10 विकल्प मांगे जाएंगे। सभी पात्र कर्मचारियों और खाली स्थानों को वेबसाइट पर भी दर्ज किया जाएगा। 7 हजार फीट से अधिक ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्र में एक साल की सेवा को दो साल के बराबर माना जाएगा। जबकि सात हजार फीट से कम ऊंचाई वाले सुगम क्षेत्र की एक साल की सेवा को एक साल तीन महीने के बराबर माना जाएगा।


इन्हें मिलेगी छूट 

55 साल की आयु पूरी कर चुके वरिष्ठ कर्मचारी। 

 जहां सेवानिवृत्ति की आयु 65 साल है, वहां 60 साल की आयु वाले कर्मचारी को फायदा  

 दुर्गम क्षेत्र में न्यूनतम 10 साल नौकरी कर चुके कर्मचारी।   

 गंभीर रोग से ग्रस्त और 40 फीसदी से अधिक विकलांगता।  

 ऐसे पति और पत्नी जिनकी इकलौती संतान विकलांग हो।   

 सैनिक और अर्धसैनिक बलों में तैनात कार्मिकों की पत्नी या पति

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