Monday, June 25, 2018

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अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी पर खतरा, 30 सितंबर तक कोर्स के लिए पंजीकरण नहीं कराने वालों की सेवा होगी समाप्त

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अप्रशिक्षित शिक्षकों की नौकरी पर खतरा, 30 सितंबर तक कोर्स के लिए पंजीकरण नहीं कराने वालों की सेवा होगी समाप्त

देहरादून। उत्तराखंड में अप्रशिक्षित शिक्षकों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। शिक्षा महानिदेशक आलोक शेखर तिवारी ने कहा है कि 30 सितंबर तक डीएलएड कोर्स में पंजीकरण नहीं कराने वाले शिक्षकों की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी जाएगी। इसके लिए बेसिक शिक्षा निदेशक आरके कुंवर को कार्रवाई करने के आदेश जारी कर दिए हैं। महानिदेशक ने बताया कि सभी सरकारी, प्राइवेट स्कूल और शिशु मंदिरों के प्रिंसिपलों को इस बाबत दिशानिर्देश भेजे जा रहे हैं। 

सेवाएं होंगी खत्म

गौरतलब है कि शिक्षा महानिदेशक ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपलों से ऐसे सभी शिक्षकों का ब्योरा मांगा है जिन्होंने 30 सितंबर से पहले अपना रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। उन्होंने कहा कि बिना टीईटी सहायक अध्यापक बने शिक्षा मित्रों के मामले में यूपी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। यहां बता दें कि केन्द्र सरकार ने सितंबर 2001 के बाद नियुक्त हुए सभी बेसिक शिक्षकों के लिए एनसीटीई से मान्यता प्राप्त बीटीसी, डीएलएड अथवा बीएड और 6 महीने का मान्यता प्राप्त ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य कर दिया है। साल 2010 से ही शिक्षकों को अपनी शैक्षिक योग्यता पूरी करने के लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। अब अंतिम अवसर के तौर पर उन्हें 31 मार्च 2019 तक का समय दिया गया है। इसके बाद 1 अप्रैल से अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी। राज्य के शिक्षा महानिदेशक ने शिक्षकों से जुड़े और भी कई आदेश जारी किए हैं।

बिना आधार कार्ड लिंक कराए शिक्षकों को वेतन नहीं

राज्य के स्कूलों को सभी शिक्षक और छात्रों का विवरण केंद्र की वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। 15 नवंबर तक सभी शिक्षकों का आधार अनिवार्य रूप से वेबसाइट पर दर्ज करना होगा। जिन शिक्षकों का आधार कार्ड दर्ज नहीं होगा, उनका वेतन रोक दिया जाएगा।

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मदरसों का भी नियमित रूप से कराया जाएगा मुआयना

राज्य में चलने वाले मदरसों और संस्कृत विद्यालयों को भी अपना विस्तृत डाटा विभाग को देना होगा। समय-समय पर संस्कृत विद्यालय और मदरसों का भी औचक निरीक्षण भी किया जाएगा।


विशिष्ट बीटीसी के लिए केंद्र सरकार से मांगेंगे छूट 

आपको बता दें कि शिक्षा विभाग द्वारा बिना मान्यता लिए बीटीसी कराने की वजह से उपजे संकट का हल निकालने को केंद्र सरकार को दोबारा पत्र लिखा जाएगा। वर्ष 2001 से अब तक के लिए मान्यता ली जाएगी। यह मामला 13,175 शिक्षकों से जुड़ा हुआ है।

बीएड डिग्री वाले शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स अनिवार्य

बीएड डिग्री वाले प्राथमिक और जूनियर स्तर पर कार्यरत शिक्षकों को एनआईओएस से 6 महीने का ब्रिज कोर्स अनिवार्य रूप से करना होगा। एनआईओएस की तरफ से जल्द ही पंजीकरण का काम शुरू किया जाएगा।

प्राइमरी स्कूल में विलय होंगे आंगनबाड़ी केन्द्र

प्राइमरी स्कूलों के करीब चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों का उसी स्कूल में विलय किया जाएगा। इन केंद्रों में स्कूल के साथ प्री प्राइमरी कक्षाएं संचालित होंगी। किराए पर चलने वाले आंगनबाड़ी केन्द्रों को स्कूल में अलग से एक कमरा दिया जाएगा।  

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