Monday, May 21, 2018

Breaking News

   अब जल्द ही बिना नेटवर्क भी कर सकेंगे कॉल, बस Wi-Fi की होगी जरुरत     ||   मौलाना मदनी ने भी की एएमयू से जिन्‍ना की तस्‍वीर हटाने की वकालत     ||   भारत-चीन सेना के बीच हॉटलाइन की तैयारी, LoC पर तनाव होगा दूर     ||   कसौली में धारा 144 लागू, आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर     ||   स्कूली बच्चों पर पत्थरबाजी से भड़के उमर अब्दुल्ला, कहा- ये गुंडों जैसी हरकत     ||   थर्ड फ्रंट: ममता, कनिमोझी....और अब केसीआर की एसपी चीफ अखिलेश यादव के साथ बैठक     ||   मायावती का पलटवार, कहा- सत्ता के अहंकार में जनता को मूर्ख समझ रही BJP; शाह के गुरू मोदी ने गिराया पार्टी का स्तर     ||   चीन के स्‍पर्म बैंक ने रखी अनोखी शर्त, सिर्फ कम्‍युनिस्‍टों का समर्थन करने वाले ही दान कर सकेंगे स्‍पर्म     ||   CBSE पेपर लीक: हिमाचल से टीचर समेत 3 गिरफ्तार, पूछताछ में हो सकता है अहम खुलासा     ||   बिहार: शराब और मुर्गे के साथ गश्त करने वाली पुलिस टीम निलंबित     ||

बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना पर काम हुआ शुरू, महज डेढ़ घंटे में दूरी होगी पूरी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन परियोजना पर काम हुआ शुरू, महज डेढ़ घंटे में दूरी होगी पूरी

देहरादून। उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना ऋषिकेश-कर्णप्रयाग के काम की शुरुआत हो चुकी है। इस परियोजना को लेकर राज्य के मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की अध्यक्षता में इसकी बैठक भी की गई। करीब 125.20 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के शुरूआती 6 किलोमीटर के निर्माण कार्य संबंधी सभी औपचारिकताएं पूर्ण कर काम को बांट दिया गया है। इस रेल मार्ग में यात्री ट्रेन 100 किमी प्रति घंटे और मालगाड़ी 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफर कर पाएंगे।

ऐसे होगा परियोजना का निर्माण

गौरतलब है कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को लेकर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने इसकी प्रगति की बैठक ली है। इस बैठक में बताया कि इस रेल लाइन के निर्माण में 16216 करोड़ रुपये की लागत आने की संभावना है और इस  परियोजना का 80 फीसदी से ज्यादा हिस्सा सुरंगों और पुलों से होकर गुजरेगा। 

ये भी पढ़ें - भीम और यूपीआई एप से करें टिकट बुक और पाएं मुफ्त में यात्रा करने का अवसर, रेलवे ने निकाली नई स्कीम


17 सुरंगों का होगा निर्माण

आपको बता दें कि 125 किलोमीटर में से 105 किलोमीटर की 17 सुरंगें बनाई जाएंगी। इसमें 98.54 किलोमीटर एस्केप टनल होंगी। इसमें 16 पुलों का भी निर्माण होगा। रेलवे लाइन के निर्माण में 791 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। इसमें 564 हेक्टेयर वन भूमि, 60 हेक्टेयर सरकारी भूमि व 167 हेक्टेयर निजी भूमि शामिल है। निजी भूमि को अधिग्रहण करने की कार्यवाही अंतिम चरण में है। ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन बन जाने के बाद सबसे ज्यादा फायदा तीर्थयात्रियों को मिलेगा क्योंकि वे ऋषिकेश से कर्णप्रयाग महज डेढ़ घंटे में पहुंच सकेंगे। बता दें कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेलवे लाइन के बाद चारधाम प्रोजेक्ट पर भी काम जल्द शुरू किया जाएगा, इसका सर्वे पूरा कर लिया गया है। 

 

Todays Beets: