Saturday, March 23, 2019

Breaking News

    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||   हिमाचल प्रदेश: किन्नौर जिले में आया भूकंप, तीव्रता 3.5     ||   PAK सेना के ISPR के डीजी ने कहा- हम युद्ध की तैयारी नहीं कर रहे, भारत धमकी दे रहा है     ||   ICC को खत लिखेगी BCCI- आतंक समर्थक देश के साथ खत्म हो क्रिकेट संबंध     ||

प्रदेश के युवकों ने ढूंढ़ निकाला नया विंटर ट्रैक, बन सकता है साहसिक खेलों का नया मुकाम  

अंग्वाल न्यूज डेस्क
प्रदेश के युवकों ने ढूंढ़ निकाला नया विंटर ट्रैक, बन सकता है साहसिक खेलों का नया मुकाम  

देहरादून। अगर आप साहसिक पर्यटन के शौकीन हैं और उत्तराखंड आकर अब तक कुछ ही जगहों पर ट्रैकिंग करने के लिए जाते थे तो अब आपके सामने ऐसी जगहों को ढूंढ़ कर निकाला गया है जहां जाकर खेलप्रेमी अपने खेल का आनंद ले सकते हैं। रामगंगा और गोरी नदी घाटी का फैलाव, बर्फ से ढकी पंचाचूली चोटी, चहचहाती चिड़ियाओं और कस्तूरी मृग को देखना हो तो मुन्स्यारी भी आया जा सकता है। आपको बता दें कि प्रदेश के कुछ युवकों ने एक नए विंटर ट्रैक को खोज निकाला है जो लद्दाख की चोटियों को भी मात देंगी।

गौरतलब है कि युवकों का कहना है कि पर्यटक मुन्स्यारी से मेसर कुंड होते हुए खलिया टॉप के टाटी तक के 30 किलोमीटर के इस ट्रैक में रोमांच और खूबसूरती का अद्भुत संगम है।  यहां ट्रैकिंग कर भरपूर आनंद ले सकते हैं। बताया जा रहा है कि मोनल संस्था के सचिव सुरेंद्र पंवार, मनोज झिक्वान और भूपेंद्र खड़ायत ने इस ट्रेक की खोज की है। उन्होंने बताया कि जमीन से करीब 3900 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस ट्रैक से रामगंगा और गोरी नदी का बेहद ही खूबसूरत नजारा देखा जा सकता है। 


ये भी पढ़ें - उत्तराखंड के पूर्व सीएम ने प्रदेश सरकार पर किया हमला, कहा-सत्ता में आने पर किसानों का कर्ज होगा माफ

यहां बता दें कि युवकों के अनुसार पूरा ट्रैक करीब 30 किलोमीटर का है और मुश्किल परिस्थितियों में 3 से 4 दिनों में यह ट्रैकिंग पूरा किया जा सकता है। इन युवकों का कहना है कि अगर सरकार यहां सुविधाएं मुहैया कराती है तो यह ट्रैक देश-विदेश के ट्रैकरों की पहली पसंद बन सकता है।

Todays Beets: