Tuesday, October 23, 2018

Breaking News

   सेना हर चुनौती से न‍िपटने के ल‍िए तैयार, सर्जिकल स्ट्राइक भी व‍िकल्‍प: रणबीर सिंह    ||   BJP विधायक मानवेंद्र ने बदला पाला, राज्यवर्धन बोले- कांग्रेस ने 70 साल में मंत्री नहीं बनाया    ||   सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर छिड़ी जंग, हिरासत में 30 प्रदर्शनकारी    ||   विवेक तिवारी हत्याकांडः HC की लखनऊ बेंच ने CBI जांच की मांग ठुकराई    ||   केरलः अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद ने सबरीमाला फैसले के खिलाफ HC में लगाई याचिका    ||   कोलकाताः HC ने दुर्गा पूजा आयोजकों को ममता के 28 करोड़ देने के फैसले पर रोक लगाई    ||    रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस मिसाइल पर भारत की डील    ||   नार्वेः राजधानी ओस्लो में आज होगा शांति के नोबेल पुरस्कार का ऐलान    ||   अंकित सक्सेना मर्डर केसः ट्रायल के लिए अभियोगपक्ष के 2 वकीलों की नियुक्ति    ||   जम्मू कश्मीर में नेशनल कॉफ्रेंस के दो कार्यकर्ताओं की गोली मारकर हत्या, मरने वालों में एक MLA का पीए भी     ||

सीमाएं, सुरक्षा और सवाल

सीमाएं, सुरक्षा और सवाल

उत्तराखंड ... ऊंची हिमालयी चोटियों औरहिमनदियों से ढका देश का एक ऐसा राज्य, जो अपनी धार्मिक मान्यताओं और भूगोलिकविषमताओं के चलते एक अलग पहचान रखता है। चीन और नेपाल की सीमाओं से सटे उत्तराखंडके सीमांत इलाके सुरक्षा की नज़र से बेहद अहम हैं। ऊंचे पहाड़ और दुरूस्त इलाकोंमें सेंधमारी की खबरें आए दिन आम रहती हैं। कभी रात के अंधेरे में नेपाल सेतस्करों का चोरी छिपे राज्य में घुसना , कभी देश की सीमाओं में चीनी सैनिकों काअंदर तक घुस आना तो कभी ड्रोन के जरिए खुफिया जानकारी जुटाना। हर पल, हर वक्त इसबात का खतरा बना रहता है कि ज़रा सी चूक राज्य के साथ- साथ देश की सुरक्षा को संकटमें न डाल दे। हांलाकि सीमाओं पर ज़वानों की मुस्दैती हर बार खतरे को नाकाम कर देतीहै, बावजूद इसके राज्य की सीमाएं देश को पूर्ण सुरक्षा का अहसास नहीं करातीं। इसकीएक वजह यह भी कि जिन सुदूर और चड़ाई वालों इलाकों में सूबे की सीमाएं दूसरे देशोंसे मिलती हैं, वहां सुविधाओं के नाम पर महज कच्ची पक्की सड़क, संसाधनों का टोटानज़र आता है। हांलाकि राज्य को खतरा सीमाओं से ही नहीं, बल्कि उन असमाजिक तत्वोंसे भी है , जो उत्तराखंड को अशांति की राह पर ढकेलना चाहते हैं। अर्द्धकुंभ मेंआतंकी हमले की साजिश रचने की खबरों को कौन भूल पाया है। बहरहाल देश और समाज कीसुरक्षा में तैनात जवान अभी तक अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निभा रहे हैं, लेकिनऐसा न हो कि आने वाले वक्त में कोई बड़ी मुसीबत आती है, तो हम उसका सामने कैसे करपाएंगे। 


  

Todays Beets: