Wednesday, August 15, 2018

Breaking News

   मंगल ग्रह पर आशियाना बनाएगा इंसान, वैज्ञानिकों को मिली पानी की सबसे बड़ी झील     ||   भाजपा नेता का अटपटा ज्ञान, 'मृत्युशैया पर हुमायूं ने बाबर से कहा था, गायों का सम्मान करो'     ||   आज से एक हुए IDEA-वोडाफोन! अब बनेगी देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी     ||   गोवा में बड़ी संख्‍या में लोग बीफ खाते हैं, आप उन्‍हें नहीं रोक सकते: बीजेपी विधायक     ||   चीन फिर चल रहा 'चाल', डोकलाम में चुपचाप फिर शुरू कीं गतिविधियां : अमेरिकी अधिकारी     ||   नीरव मोदी, चोकसी के खिलाफ बड़ा एक्शन, 25-26 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के आदेश     ||   जापान में फ़्लैश फ्लड से 200 लोगों की मौत     ||   देहरादून में जलभराव पर सरकार ने लिया संज्ञान अधिकारियों को दिए निर्देश     ||   भारत ने टॉस जीता फील्डिंग करने का फैसला     ||   उपेन्द्र राय मनी लाउंड्रिंग मामले में सीबीआई ने 2 अधिकारियों को गिरफ्तार किया     ||

आखिर कानपुर के पास ही क्यों हो रहे ट्रेन हादसे, क्या जर्जर बुनियादी सुविधाएं हैं वजह! 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आखिर कानपुर के पास ही क्यों हो रहे ट्रेन हादसे, क्या जर्जर बुनियादी सुविधाएं हैं वजह! 

नई दिल्ली।भारत में इन दिनों रेल हादसों का सिलसिला जारी है। अभी तीन दिनों पहले ही कानपुर के रूरा में सियालदह-अमृतसर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए। इसमें कईयों की मौत हो गई और 100 के करीब यात्री घायल हो गए। इससे कुछ दिनों पहले 20 नवंबर को कानपुर के करीब ही पुखरायां में एक ट्रेन हादसा हुआ था। उसमें भी काफी लोगों की जानें गई थीं। क्या हमने कभी सोचा है कि आखिर ये हादसे कानपुर के आसपास ही क्यों हो रहे हैं? 

बुलेट ट्रेन का सपना

हम सबको पता है कि रेल यातायात का सबसे सुरक्षित, सस्ता और आरामदायक साधन है। देश में इसे और बेहतर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है। यहां तक की हम बुलेट ट्रेन की दिशा में भी काम कर रहे हैं। पर बुलेट ट्रेन शुरू करने के लिए हमारे पास बुनियादी जरूरतें हैं भी? रोज-रोज होते ट्रेन हादसे इस वजह को और भी मजबूत करता है। लगातार हो रहे रेल हादसे और वो भी कानपुर के आसपास ही, इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि ट्रेन को रफ्तार देने के लिए ये बेहद जरूरी है कि इसके लिए बुनियादी जरूरत यानी की पटरी को बेहतर बनाया जाए।


पटरी और पुलों की जर्जर हालत

बार-बार होते हादसों में यह बात उभरकर सामने आई कि कानपुर के आसपास के क्षेत्रों में पटरियों की हालत विशेष खराब है। इस इलाके में बने पुलों में दरारें आ गई हैं जिन्हें मरम्मत की खास दरकार है। ये सारी व्यवस्थाएं अंग्रेजों के जमाने की हैं। भारत में होने वाले रेल हादसों से लोगों का सबसे सुरक्षित आवागमन के साधन से भरोसा उठता जा रहा है। हादसे होने के बाद मंत्रालय की तरफ से हर बार मुआवजे की रकम बढ़ा दी जाती है लेकिन हादसा होने की वजह को दूर करने पर खास ध्यान नहीं दिया जाता है। ऐसे में बुलेट ट्रेन के सपने को हकीकत में तब्दील करने के लिए बुनियादी सुविधा का विकास जरूरी नहीं है क्या!   

Todays Beets: