Wednesday, October 28, 2020

Breaking News

   कानपुर: विकास दुबे और उसके गुर्गों समेत 200 लोगों की असलहा लाइसेंस फाइल हुई गायब     ||   हाथरस कांड: यूपी सरकार ने SC में पीड़िता के परिवार की सुरक्षा पर दाखिल किया हलफनामा     ||   लखनऊ: आत्मदाह की कोशिश मामले में पूर्व राज्यपाल के बेटे को हिरासत में लिया गया     ||   मानहानि केस: पायल घोष ने ऋचा चड्ढा से बिना शर्त माफी मांगी     ||   लक्ष्मी विलास होटल केस: पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी हुए सीबीआई कोर्ट में पेश     ||   पश्चिम बंगाल: CM ममता बनर्जी ने अलापन बंद्योपाध्याय को बनाया मुख्य सचिव     ||   काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में 3 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई     ||   इस्तीफे पर बोलीं हरसिमरत कौर- मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ, लेकिन किसानों के मुद्दों को एक मंच मिल गया     ||   ईडी के अनुरोध के बाद चेतन और नितिन संदेसरा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित     ||   रक्षा अधिग्रहण परिषद ने विभिन्न हथियारों और उपकरणों के लिए 2290 करोड़ रुपये की मंजूरी दी     ||

मिश्र में मिले 2500 साल पूराने 13 ताबूत , ममी खोलने के बाद अब लोगों को शाप लगने का सता रहा है डर

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मिश्र में मिले 2500 साल पूराने 13 ताबूत , ममी खोलने के बाद अब लोगों को शाप लगने का सता रहा है डर

नई दिल्ली । मिश्र में समय समय पर मिट्टी में दबी ममी के ताबूत मिलने की खबरें आती रहती हैं। इसी क्रम में पिछले दिनों कायरो के दक्षिणी हिस्से में स्थिति सक्कारा के कब्रिस्तान में मिट्टी की कब्रें मिलीं। ये ममी थी , जो जमीन के नीचे 36 फीट की गहराई में ताबूतों में बंद मिली थीं । देश के पुरातत्वविद अब इन ममी के मिलने से जहां बहुत उत्साहित हैं , वहीं अब देशवासियों को इस बात का भी डर सता रहा है कि इन ममी को खोलकर उसे 'नींद' से जगाने पर अब उन लोगों को शाप लगेगा । शहरों में अब यह डर फैलने लगा है लेकिन इससे ज्यादा सवाल इस बात पर हो रहे हैं कि आखिर सदियों पुराने ताबूतों को खोलना आखिर क्यों जरूरी था?

असल में , देश के पुरातत्वविदों को गीजा के पिरामिड से 10 मील दक्षिण-पूर्व की ओर 59 ताबूत मिले थे , जिनमें से 40 को मीडिया को दिखाया गया था । इन ताबूतों की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई थी कि इनमें से ज्यादातर ताबूत पादरियों (priests), अधिकारियों और उच्च वर्ग के रहे होंगे। इन सभी के मरने के बाद परंपरा के मुताबिक इन्हें दफनाया गया। इसमें लोहे के हुक से उनकी नाक के रास्ते दिमाग निकालना भी शामिल था।

इस सबके बाद ऐसी उम्मीद भी जताई गई कि अगर इलाके में और खुदाई की जाए तो ऐसे कई अन्य ताबूत भी मिल सकते हैं । यह और बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है। संबंधित विभाग के अफसरों का कहना है कि अभी तक ताबूत एकदम अच्छी अवस्था में हैं और उनमें असल रंग दिख रहे हैं । इन सभी ताबूतों को ग्रैंड इजिप्शियन म्यूजियम ले जाया गया है जहां आम लोगों को इसे दिखाया जाएगा। मिस्र पुरात्तव खनन का इस्तेमाल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए करता है।

लेकिन इस सबके बीच अब देश में यह डर फैल रहा है कि इन ममी को जगाने का शाप लोगों को लगेगा । लोगों के बीच चर्चा है कि 2500 साल पहले जिस कारम से इन लोगों की मौत हुई कहीं उसका असर इन ताबूतों से छेड़छाड़ करने पर न दिखे। कहा जा रहा है कि जब ये ममी किसी फिरौन (Pharaoh) या महान हस्ती की नहीं हैं, तो इन्हें सिर्फ पर्यटन के लिए क्यों छेड़ा जा रहा है।

बहरहाल , देश के कुछ हिस्सों में , खासकर जहां से ये ममी वाले ताबूत मिले हैं , वहां इस ममी से छेड़छाड़ करने के बाद लोगों को इनसे छेड़छाड़ करने पर शाप लगने का डर सता रहा है । 

Todays Beets: