Thursday, April 2, 2020

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अब चांद पर भी उगेंगे पौधे, चीन के विश्वविद्यालय की अनोखी पहल

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब चांद पर भी उगेंगे पौधे, चीन के विश्वविद्यालय की अनोखी पहल

नई दिल्ली। धरती पर अपने खेतों में बेहतर फसल उगाने के लिए किसान जीतोड़ मेहनत करता है इसके बावजूद अपनी मेहनत के मुताबिक फल नहीं पाता है।  चीन की तरफ से अब धरती पर आलू उगाने के बजाय चांद पर इसे उगाने की तैयारी की जा रही है। खबर है कि चीन इसी वर्ष 2018 में चंद्रमा पर अपने पहले जैविक अनुसंधान के तहत चांग ई 4 लूनर यान के जरिए वहां आलू, एक फूल के पौधे के बीज और रेशम कीट के अंडाणुओं को भेजने की योजना बना रहा है। 

गौरतलब है कि चीन के द्वारा इस अनुसंधान को किए जाने का मकसद चांद के वातावरण में नई संभावनाओं को तलाशना है, आलू और अरबीडोफिसिस के बीजों और रेशम के कीटों के अंडाणुओं के साथ इसकी शुरुआत की जा रही है। बता दें कि चीन के चांगकिंग विश्वविद्यालय के नेतृत्व में करीब 28 ‘चीनी’ विश्वविद्यालयों ने मिलकर यह योजना तैयार की है। इस योजना का नाम ‘लूनार मिनी बॉयोस्फेयर’ रखा गया है और मिशन में नीदरलैंड्स, स्वीडन, जर्मनी और सऊदी अरब के साइंटिफिक पेलोड्स को भी भेजा जाएगा।

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बताया जा रहा है कि चीन अपनी इस योजना के तहत एक बेलनाकार टिन में फूल, आलू और अन्य चीजें भेजने की तैयारी कर रहा है। यह टिन का बॉक्स करीब 18 सेंटीमीटर लंबा और इसकी गोलाई 16 सेंटीमीटर है। यह टीन एक विशेष प्रकार के एल्यूमिनियम एलॉय से बना है। 

इस बेलनाकार डिब्बे में पानी, पौधों के लिए जरूरी पोषक पदार्थ, हवा, एक छोटा सा कैमरा और डेटा ट्रांसमिशन सिस्टम भी होगा। योजना बनाने वालों को पूरी उम्मीद है कि चांद पर बीज जरूर विकसित होंगे। डिब्बे में लगे कैमरे के जरिए  इस प्रक्रिया को कैमरे में कैद कर धरती पर भेजा जाएगा। यहां बता दें कि अंतरिक्ष में पौधों को उगाने का प्रयास पहले भी किया जा चुका है लेकिन चांद पर पौधे उगाने का यह पहला प्रयास है।  

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