Wednesday, September 30, 2020

Breaking News

   पश्चिम बंगाल: CM ममता बनर्जी ने अलापन बंद्योपाध्याय को बनाया मुख्य सचिव     ||   काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में 3 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई     ||   इस्तीफे पर बोलीं हरसिमरत कौर- मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ, लेकिन किसानों के मुद्दों को एक मंच मिल गया     ||   ईडी के अनुरोध के बाद चेतन और नितिन संदेसरा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित     ||   रक्षा अधिग्रहण परिषद ने विभिन्न हथियारों और उपकरणों के लिए 2290 करोड़ रुपये की मंजूरी दी     ||   अभिनेत्री कंगना रनौत-बीएमसी मामले में सुनवाई स्थगित     ||   सुशांत केस - जांच में देरी पर CBI बोली - हम हर एंगल की बारीकी और प्रोफेशनल तरीके से कर रहे हैं जांच    ||   कप्तान धोनी ने IPL2020 की शुरुआत जीत से की,जानिये कैसे ?     ||   लखनऊ: यूपी में आकाशीय बिजली से हुई मौत के मामले में परिजनों को 4 लाख मुआवजा     ||   कोरोना काल में भाजपा सरकार ने अनेक ख्याली पुलाव पकाए, लेकिन एक सच भी था? -राहुल गांधी     ||

मध्य प्रदेश में भाजपा ने टिकट के लिए बागी हुए 64 नेताओं को पार्टी से निकाला, राजस्थान में दलबलदुओं ने काटी चांदी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मध्य प्रदेश में भाजपा ने टिकट के लिए बागी हुए 64 नेताओं को पार्टी से निकाला, राजस्थान में दलबलदुओं ने काटी चांदी

भोपाल/जयपुर । राजस्थान की तरह मध्य प्रदेश में भी टिकट बंटवारे को लेकर भाजपा के नेताओं का बागी होने का क्रम जारी है। राजस्थान के एक पूर्व भाजपा सांसद और विधायक का पार्टी से नाराज होकर कांग्रेस में शामिल होने की खबरों के बाद अब मध्य प्रदेश में टिकट न मिलने से नाराज नेताओं के बागी सुर सुनने में आ रहे हैं। हालांकि भाजपा ने ऐसे नेताओं पर कार्रवाई करते हुए 64 नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। हालांकि पार्टी के इस रुख से जहां पार्टी के भीतर नाराजगी पैदा हो रही है, वहीं अब पार्टी के नेताओं को भीतरघात की भी आशंका होने लगी है। 

वहीं राजस्थान में दूसरी बार सत्ता में आने की जुगत में लगी भाजपा जीत के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। जहां एक ओर भाजपा के कई दिग्गत नेता टिकट न मिलने के चलते भाजपा के बागी हो रहे हैं। वहीं कई ने भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस का हाथ थाम लिया है तो कई ने इस तरह के संकेत दिए है। इस सब के बावजूद पिछले विधानसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ खड़े होने वाले कुछ विपक्षी दलों के नेताओं को इस बार पार्टी अपने टिकट से चुनाव मैदान में उतार रही है। ऐसे नेताओं की संख्या 1-2 नहीं बल्कि दूसरे दलों ने भाजपा में आए 6 दलबदलू नेताओं को भाजपा ने टिकट दिया है। 

जानें किसे-किसे दिया गया है टिकट

गोमला देवी - यह राज्यसभा सांसद किरोड़ीलाल मीणा की पत्नी है और भाजपा ने इन्हें सपोटरा विधानसभा सीट से उतारा है। पिछली बार यह भाजपा के खिलाफ राजगढ़ सीट पर उतरी थीं

बिहारी लाख विश्नोई की बात करें तो इस बार भाजपा ने उन्हें नोखा सीट से उतारा है। पिछली बार कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ते हुए उन्होंने भाजपा के उम्मीदवार को भारी मतों से हराया था। इस बार भाजपा ने उन्हें टिकट दिया है।


गुरदीप सिंह को भाजपा ने संगरिया विधानसभा सीट से खड़ा किया है। पिछली बार उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ते हुए भाजपा की जड़े हिला दी थीं । पिछली बार वह जीते तो नहीं थे लेकिन इस बार भाजपा ने उन्हें अपने झंडे के तले लड़वाने का फैसला लिया है।

कन्हैया लाल मीणा को भाजपा ने अपनी विधायक अंजू देवी धानका का टिकट काटकर बस्सी सीट से उम्मीदवार बनाया है। 

अभिनेष महर्षि को भाजपा ने रतनगढ़ सीट से अपना उम्मीदवार बनाया है। पिछले चुनाव में वह भाजपा के खिलाफ लड़े थे। चौंकाने वाली बात ये है कि वह भाजपा को चुनौती तक नहीं दे पाए थे, लेकिन इस बार पार्टी ने उनपर दांव खेला है।

अशोक शर्मा को राजाखेड़ा से मैदान में उतारा है, पिछले चुनाव में वह धौलपुर सीट से भाजपा के खिलाफ ही मैदान में उतरे थे।

Todays Beets: