Thursday, November 26, 2020

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विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले सीधे बनेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर, यूजीसी का ऐलान

अंग्वाल न्यूज डेस्क
विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वाले सीधे बनेंगे असिस्टेंट प्रोफेसर, यूजीसी का ऐलान

नई दिल्ली। विदेश से पीएचडी करने वाले नौजवानों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक बड़ा तोहफा दिया है। अब ऐसे डिग्रीधारक नौजवानों को भारतीय विश्वविद्यालय में सीधे असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। बताया जा रहा है कि यूजीसी ने करीब 500 विदेशी विश्वविद्यालयों को इस सूची में रखा है। नए नियुक्ति मानकों में इन विश्वविद्यालयों का फैसला 4 मशहूर विश्वविद्यालयों के रैंकिंग सिस्टम के आधार पर किया जाएगा। इनमें क्वाकक्वारेली साइमंड्स, टाइम्स हायर एजुकेशन रैंकिंग और एकेडमिक रैंकिंग ऑफ वर्ल्ड यूनिवर्सिटीज ऑफ द शंघाई जियाओ टोंग यूनिवर्सिटी के रैंकिंग सिस्टम शामिल हैं।

गौरतलब है कि यूजीसी की इस कवायद से भारतीय छात्रों को घरेलू विश्वविद्यालय में ही वैश्विक प्रतिभाओं से शिक्षा हासिल करने का मौका मिलेगा। आइए आपको बता दें कि यूजीसी के ओर से विदेशी विश्वविद्यालयों के डिग्रीधारक छात्रों की नियुक्ति किस तरह से होगी।  

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नियुक्ति के नियम

- किसी भी भारतीय या मान्यता प्राप्त विदेशी विश्वविद्यालय से कम से कम 55 फीसदी अंकों के साथ मास्टर डिग्री अनिवार्य


- यूजीसी या सीएसआईआर की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय योग्यता परीक्षा (नेट) या स्लेट, सेट आदि उत्तीर्ण करना होगा

- भारतीय विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए सीधी भर्ती का मौका होगा, लेकिन मास्टर डिग्री में 55 फीसदी अंक होने चाहिए

- विदेशी विश्वविद्यालय से पीएचडी करने वालों के लिए मास्टर डिग्री में न्यूनतम अंक व लिखित परीक्षा से छूट, लेकिन इंटरव्यू में आंका जाएगा प्रदर्शन 

इन विषयों में मिलेगा मौका

आर्ट्स, कामर्स, मानविकी, एजुकेशन, कानून, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, भाषा, लाइब्रेरी साइंस, फिजिकल एजुकेशन और पत्रकारिता व जनसंचार। 

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