Friday, October 30, 2020

Breaking News

   कानपुर: विकास दुबे और उसके गुर्गों समेत 200 लोगों की असलहा लाइसेंस फाइल हुई गायब     ||   हाथरस कांड: यूपी सरकार ने SC में पीड़िता के परिवार की सुरक्षा पर दाखिल किया हलफनामा     ||   लखनऊ: आत्मदाह की कोशिश मामले में पूर्व राज्यपाल के बेटे को हिरासत में लिया गया     ||   मानहानि केस: पायल घोष ने ऋचा चड्ढा से बिना शर्त माफी मांगी     ||   लक्ष्मी विलास होटल केस: पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी हुए सीबीआई कोर्ट में पेश     ||   पश्चिम बंगाल: CM ममता बनर्जी ने अलापन बंद्योपाध्याय को बनाया मुख्य सचिव     ||   काशी विश्वनाथ मंदिर और ज्ञानवापी मस्जिद मामले में 3 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई     ||   इस्तीफे पर बोलीं हरसिमरत कौर- मुझे कुछ हासिल नहीं हुआ, लेकिन किसानों के मुद्दों को एक मंच मिल गया     ||   ईडी के अनुरोध के बाद चेतन और नितिन संदेसरा भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित     ||   रक्षा अधिग्रहण परिषद ने विभिन्न हथियारों और उपकरणों के लिए 2290 करोड़ रुपये की मंजूरी दी     ||

हमारे पैरों में ही छिपे हैं सेहत के कई राज, जानें बीमारी को लेकर कैसे मिलते हैं संकेत

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हमारे पैरों में ही छिपे हैं सेहत के कई राज, जानें बीमारी को लेकर कैसे मिलते हैं संकेत

नई दिल्ली। अमूमन हम अपने शरीर के हर हिस्से का ख्याल रखते हैं पर जब बात पैरों की आती है तो कई लोग इसमें लापरवाही बरतते हैं। कम ही लोग ऐसे होते हैं जो अपने पैरों का भी ख्याल रखते हैं। अधिकांश लोग साधारण साफ-सफाई के अलावा पैरों  की ओर ज्यादा ध्यान नहीं देते। मगर सिडनी के एक विशेषज्ञ केट मैकआर्थर का कहना है कि पैंरों की हालत से शरीर में होने वाली गंभीर बीमारियों का पता चलता है। हम अपने पैरों में होने वाली किसी भी प्रकार की संवेदनशीलता पर ध्यान देकर अपनी तबीयत को लेकर मिलने वाले संकेतों का पता लगा सकते हैं। आपको बता दें कि मैकआर्थर पैरों की सेहत से जुड़े मामलों की विशेषज्ञ हैं। उनका कहना है कि पैरों में आमतौर पर रूखापन, एड़ियों का फटना  और छाले की समस्या देखने में आती है। मगर बदरंग नाखून, पैरों में सूजन या दर्द होना गंभीर बीमारी के संकेत हो सकते हैं।

जरुरी है पैरों के नाखूनों पर ध्यान देना

पीले नाखून फफूंद के संक्रमण के कारण भी हो सकते हैं। इसके अलावा यह सोराइसिस और एक्जिमा की वजह से भी हो सकते हैं। कैट का कहना है कि असाधारण परिस्थितियों में  सिड्रोम बीमारी से भी पैरों के नाखून पीले होने लगते हैं। इससे फेफड़ो में सूजन और पानी भरने की समस्या हो सकती है।

घाव ना भरना

पैरों में कई बार घाव हो जाते हैं जो जल्दी नहीं भरते । इनमें काफी दर्द होता है, खून आता है और यह भरता भी नहीं। कैट का कहना है कि पामोप्लांटर पास्टुलर सोराइसिस में पैरों में घाव हो जाते हैं। यह छोटे -छोटे पीले दाने होते हैं, जो अधिकतर अधिक धूम्रपान करने वालों को होते हैं। इसके अलावा शरीर में खून की कमी से भी पैरों में घाव होने की आशंका होती है।


ऑक्सीजन की कमी से होता है पैरों में दर्द

पैरों में खून का प्रवाह सही से नहीं होने से भी दर्द हो सकता है। इसकी एक वजह पैरों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा नहीं पहुंच पाना है। इतना ही नहीं शरीर में मैग्नीशियम की कमी से भी पैरों में दर्द होता है।

खतरनाक हो सकता है पैरों का ठंडा होना

अगर आपके पैर हमेशा ठंडे रहते हैं तो इसकी एक वजह रक्तस्ताव ठीक न होना भी हो सकता है।  यह एक सर्कुलेटरी प्रॉबलम है जो आमतौर पर धूम्रपान, उच्च रक्तचाप या दिल की बीमारियों से होता है। अनियत्रित मधुमेह के चलते नस डैमेज होने से भी ऐसा होता है। इसकी एक और वजह एनीमिया भी हो सकता है।

Todays Beets: