Wednesday, October 28, 2020

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World alzheimer day 2020 - आखिर क्या है अल्जाइमर बीमारी, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

अंग्वाल न्यूज डेस्क
World alzheimer day 2020 - आखिर क्या है अल्जाइमर बीमारी, जानें इसके लक्षण और बचाव के तरीके

नई दिल्ली । World Alzheimer's Day 2020 । दुनिया भर में 21 सितंबर के दिन यानी 21 सितंबर को वर्ल्ड अल्जाइमर डे के रूप में मनाया जाता है । असल में अल्जाइमर एक तरह मस्तिष्क के ऊतकों को नुकसान पहुंचने के कारण होने वाली समस्या है । विशेषज्ञों का कहना है कि मस्तिष्क में प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी होने के कारण लोगों में खासतौर पर वृद्ध लोगों में इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है । इस बीमारी से ग्रसित व्यक्ति धीरे धीरे अपनी याददाश्त को खोने लगता है। जो शख्स इसके पूरे प्रभाव में आ जाता है , वह किसी छोटी से छोटी बात को भी याद रख पाने में सक्षम नहीं होता । इस बीमारी के प्रचंड रूप में शख्स किसी दूसरे शख्स का चेहरा तक याद नहीं रख सकता । भले ही विज्ञान ने काफी तरक्की कर ली हो , लेकिन इस बीमारी का अभी तक कोई सटीक इलाज नहीं मिल पाया है । 

डिमेंशिया जैसे लोगों की जागरूकता के लिए ....

बता दें कि प्रतिवर्ष दुनिया भर में 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस (World Alzheimer Day) के रूप में मनाया जा रहा है । खासतौर पर इस दिन को अल्जाइमर या डिमेंशिया जैसे रोग के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्धेश्य से मनाया जाता है। इस बीमारी का सबसे सामान्य रूप डिमेंशिया के रूप में जाना जाता है । अमूमन ऐसा कहा जाता है कि यह बीमारी वृद्धों को ही होती है , लेकिन कई ऐसे प्रमाण भी मिले हैं , जिसमें यह बीमारी किसी युवा को भी हो सकती है । 

इन समस्याओं के चलते भी बढ़ती है बीमारी

अमूमन यह बीमारी 60 वर्ष से ऊपर वाले लोगों में ज्यादा देखी गई है । ऐसा माना जाता है की मस्तिष्क की कोशकाओं के सिकुड़ने से न्यूरॉन्स के अंदर कुछ केमिक्लस कम होने लगते हैं । यही इस समस्या को जन्म देता है । इसके अलावा कुछ हेड इंजरी (head injury), वायरल इंफेक्शन (viral infection) और स्ट्रोक (stroke) में भी अल्जाइमर की स्थिति पैदा हो सकती है ।

बीमारी के क्या हैं लक्षण

असल में इस बीमारी चीजों को भूलने से शुरू होती है । मसलन कोई शख्स  किसी सामान को कहीं रखकर भूल जाएं और उसे खोजने के लिए परेशान होता रहे । भले ही उसने वह सामान कुछ समय पहले ही संभाल के रखा हो । असल में अल्जाइमर का खतरा मस्तिष्क में प्रोटीन की संरचना में गड़बड़ी होने के कारण बढ़ता है। अगर इसके लक्षणों पर बात 

- अमूमन रात में नींद न आने की समस्या 

- कुछ समय पहले ही संभाल कर रखी गई किसी वस्तु को भूल जाना 

- आपकी आंखों की रोशनी का लगातार कम होना 

- अपने परिवार के लोगों को ही सही से न पहचान पाना

- घर - आफिस या बाहर के छोटे छोटे कामों को लेकर परेशान हो जाना 

- अवसान में रहना या किसी घटना के बाद से डरा रहना

आखिर कब करें अपना डॉक्टर से संपर्क

ज्यादातर मामलों में देखने को मिलता है कि लोग इस बीमारी को बहुत हल्के में लेते हैं और डॉक्टर से खुद को हो रही समस्या के बारे में बात करने से भी बचते हैं । लेकिन 21 सितंबर को अल्जाइमर दिवस के रूप में मनाने के पीछे का उद्देश्य ही यह है कि लोग इसके संकेतों को समझे और अगर उन्हें ऐसा महसूस होता है तो अपने डॉक्टर से संपर्क करें । 

आखिर कैसे कर सकते हैं बचाव 


यूं तो अल्जाइमर का अब तक कोई सटीक इलाज नहीं है , लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि लोग अपनी जीवनशैली में बदलाव करके भी इस बीमारी के खतरे को कम कर सकते हैं । 

-नियमित रूप से व्यायाम करें।

-पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें।

-लोगों से मिलना जुलना चाहिए, जिससे डिप्रेशन न हो।

-पर्याप्त नींद लें।

-सकारात्मक सोच बनाए रखें। 

-नशे से दूर रहें। 

-ब्लड प्रेशर व शुगर नियंत्रित रखें।

-बहुत ज्यादा नमक नहीं खाना चाहिए।

-काफी ज्यादा मात्रा में पानी पीना चाहिए।

-वजन को संतुलित रखना चाहिए।

- डाइट में तरह-तरह के फल और सब्जियों को शामिल करना चाहिए जैसे साबुत अनाज, लीन प्रोटीना आदि।

 -अगर आपके घर में पहले से किसी को यह बीमारी रही हो तो आपको इस पर पहले ही ध्यान देना चाहिए ।

- लगातार किसी चीज को सीखने में खुद को व्यस्त रखें । इसके साथ ही किताबें पढ़ना, दोस्तों और परिवार के साथ समय बिताएं । 

-डिप्रेशन से दूर रहने के लिए अपना मनपसंद संगीत भी सुन सकते हैं ।

 

उम्र के साथ बढ़ती जाती है समस्या 

यह बीमारी एक उम्र के बाद लोगों में होने लगती है, जिसमें लोग चीजों को याद नहीं रख पाते हैं। हालांकि अभी तक के आंकड़ों का अध्ययन करें तो यह बात साफ हो जाती है कि यह बुजुर्ग लोगों के लिए ज्यादा घातक सिद्ध होती है । लेकिन आज के समय में कई युवा भी इसकी चपेट में आए हैं। पिछले कुछ सालों में इस बीमारी ने अपने पांव पसारे हैं । 

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