Friday, September 17, 2021

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मदरसों की फंडिंग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उठाए सवाल , पूछा – क्या धर्मनिरपेक्ष राज्य ऐसा कर सकते हैं

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मदरसों की फंडिंग पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उठाए सवाल , पूछा – क्या धर्मनिरपेक्ष राज्य ऐसा कर सकते हैं

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मौजूद मदरसों की फंडिंग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सवाल उठाए हैं । एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पूछा कि क्या धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसे मौलिक अधिकारों का पालन कर रहे हैं । कोर्ट ने कहा कि क्या मदरसों में महिलाओं का प्रवेश प्रतिबंधित है , अगर ऐसा है तो क्या यह मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है । इस दौरान कोर्ट ने संविधान में मौलिक अधिकारों का हवाला देते हुए पूछा कि क्या धर्मनिरपेक्ष राज्य ऐसा कर सकते हैं । इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार से इस मामले में 4 हफ्तों के भीतर हलफनामा दाखिल करने को कहा है ।

अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को

जस्टिस अजय भनोट की एकल पीठ ने योगी सरकार से जवाब देने की बात कहते हुए इस मामले में अगली सुनवाई के लिए 6 अक्टूबर का दिन तय किया है। असल में मदरसा अंजुमन इस्लामिया फैजुल उलूम की प्रबंध समिति ने मामले में याचिका दायर की है । मदरसे ने अतिरिक्त पदों पर भर्ती के लिए मांगी गई अनुमति सरकार द्वारा खारिज किये जाने के फैसले को चुनौती दी थी।

योगी सरकार से पूछे सवाल

विदित हो कि प्रयागराज-यूपी में संचालित हो रहे मदरसों (Madarsa) को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने एक बड़ा आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने धार्मिक शिक्षा (Religious Education) देने वाले मदरसों को लेकर यूपी की योगी सरकार (Yogi Government) से कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है। अदालत ने पूछा, क्या सेक्युलर राज्य (Secular State) को धार्मिक शिक्षा देने वाले मदरसों को फंड देने का है अधिकार है ।


मदरसे विशेष पूजा पद्धति की शिक्षा दे सकते हैं

इस दौरान इलाहाबाद हाईकोर्ट ने योगी सरकार से पूछा, क्या संविधान के अनुच्छेद 28 में मदरसे धार्मिक शिक्षा, धार्मिक संदेश व विशेष पूजा पद्धति की शिक्षा दे सकते हैं। क्या मदरसों में खेल मैदान रखने के अनुच्छेद 21व 21ए की अनिवार्यता का पालन किया जा रहा है । कोर्ट ने यह भी पूछा कि क्या अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों  के धार्मिक शिक्षा संस्थानों को भी सरकार फंड दे रही है।

क्या महिलाओं के प्रवेश पर है प्रतिबंध

इस दौरान कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा कि क्या मदरसे संविधान के अनुच्छेद 25 से 30 तक प्राप्त मौलिक अधिकारों के तहत सभी धर्मों के विश्वास को संरक्षण दे रहे हैं । इस दौरान कोर्ट ने योगी सरकार से पूछा कि क्या महिलाओं को मदरसों में प्रवेश पर रोक है । अगर ऐसा है तो क्या यह गलत नहीं है? कोर्ट ने इन सभी सवालों पर राज्य सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है।  

 

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