Tuesday, October 20, 2020

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सीबीआई ने नई FIR दर्ज कर जांच के लिए बनाई टीम , संदिग्ध महिला आरोपों को लेकर मीडिया के सामने आई 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सीबीआई ने नई FIR दर्ज कर जांच के लिए बनाई टीम , संदिग्ध महिला आरोपों को लेकर मीडिया के सामने आई 

लखनऊ । हाथरस कांड में भारी सियासी हंगामे के बाद अब इस मामले की सांज सीबीआई कर रही है । जांच एजेंसी ने भी इस मामले में नई एफआईआर दर्ज करते हुए अपनी जांच शुरू कर दी है। सीबीआई ने मामले की जांच के लिए एक टीम का गठन किया है , जिसने अब मामले के सभी दस्तावेजों को अपनी कस्टडी में लेना शुरू कर दिया है । अब से पहले इस मामले की जांच सरकार की पहल पर एसआईटी कर रही थी , जिसकी जांच रिपोर्ट सौंपने की समयसीमा को पिछले दिनों 10 दिन के लिए बढ़ा दिया गया था , लेकिन इसस पहले ही अब सीबीआई को इस कांड की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है । इस सबके बीच उस संदिग्ध महिला का भी बयान सामने आया है , जो पीड़ित परिवार को भड़काने और उनकी फर्जी रिश्तेदार बनकर पुलिस और एसआईटी को बयान दे रही थी ।

बता दें कि हाथरस के कथिक गैंगरेप कांड की आड़ में यूपी में दंगों की साजिश का खुलासा हुआ है । यूपी पुलिस ने दंगों की साजिश के आरोप में मथुरा से 4 लोगों को गिरफ्तार किया है ।  इसी दौरान पुलिस ने PFI के मुखपत्र के संपादक को गिरफ्तार किया है, जो केरल में है । जांच में सामने आया है कि वह शाहीन बाग के पीएफआई कार्यालय का सचिव भी था । 

वहीं अब तक उस महिला की भी तलाश की जा रही थी , जो पीड़ित परिवार की फर्जी रिश्तेदार बनकर उनके घर रही थी। इतना ही नहीं मीडिया , पुलिस और एसआईटी को बयान दे रही थी । आरोप लगे है कि यह महिला पीड़ित परिवार को भड़काने का भी काम कर रही थी ।  

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बहरहाल , अब इस मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है । सीबीआई ने भी अपनी टीम बनाकर जांच शुरू कर दी है । इस कांड की जांच कर रही एसआईटी ने अब सभी दस्तावेज सीबीआई को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है । इस बीच खबर है कि हाथरस पीड़िता के परिजन लखनऊ जा रहे हैं ।  यूपी पुलिस कड़ी सुरक्षा में पीड़िता के परिजनों को लखनऊ लेकर जाएगी । अब यानी 12 अक्तूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में हाथरस केस की सुनवाई होनी है । इसके लिए परिवार के पांच लोग और कुछ रिश्तेदार लखनऊ रवाना होंगे । 

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इस सबके बीच अपने ऊपर नक्सलियों से संबंध होने और पीड़ित परिवार की फर्जी भाभी बनने के आरोपों पर सफाई देते हुए डॉक्टर राजकुमारी बंसल ने कहा है कि वे इंसानियत के नाते हाथरस पहुंची थीं और पीड़िता के परिवार की मदद करना ही उनका मकसद था । तमाम आरोपों के घेरे में आई जबलपुर की राजकुमारी बंसल ने योगी सरकार की जांच पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं । उनका दावा है कि एक फॉरेंसिक एक्सपर्ट होने के नाते वे पीड़िता के इलाज से संबंधित दस्तावेज जांचना चाहती थीं लेकिन उन्हें दस्तावेज देखने नहीं मिले हैं ।  नकली भाभी बनकर सुर्खियों में आई  राजकुमारी बंसल ने खुद के फोन टैपिंग होने का भी आरोप लगाते हुए बकायदा जबलपुर के साइबर सेल में इसकी शिकायत भी दर्ज कराई है । उन्होंने कहा है कि हाथरस की घटना ने उन्हें अंदर से झकझोर दिया था लिहाजा पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की लड़ाई में साथ देने के लिए वे हाथरस पहुंचीं थीं । 

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