Sunday, February 5, 2023

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बॉम्बे हाईकोर्ट ने चंदा कोचर को दी जमानत , कहा - गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं हुई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
बॉम्बे हाईकोर्ट ने चंदा कोचर को दी जमानत , कहा - गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं हुई

न्यूज डेस्क । ICICI Bank-Videocon Fraud Case । देश के बड़े बैंक आईसीआईसीआई की पूर्व सीईओ चंदा कोचर को बॉम्बे हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है । कोर्ट ने चंदा कोचर (Chanda Kochhar) समेत उनके व्यवसायी पति दीपक कोचर (Deepak Kochhar) को धोखाधड़ी के एक मामले में जमानत दे दी है । हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए जमानत का आदेश दिया है । इस दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि, 'इनकी गिरफ्तारी कानून के मुताबिक नहीं हुई है ।  

गिरफ्तारी CRPC की धारा 41ए के तहत नहीं

दोनों को जमानत देते हुए कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि दंपत्ति की गिरफ्तारी सीआरपीसी (CRPC) की धारा 41ए के आदेश के अनुरूप नहीं है । कोर्ट में दंपति की जमानत याचिका दाखिल करने वाले वकील रोहन दक्षिणी ने कहा कि अदालत ने उन्हें इस आधार पर जमानत दी है कि गिरफ्तारी अवैध थी।  धारा 41ए के तहत जारी नोटिस के अनुपालन में सीबीआई के सामने चंदा और दीपक पेश हुए थे ।  इसके तहत, अगर कोई शख्स पेश होता है तो उसे तब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता जब तक ये नहीं पाया जाए कि वो सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं । 

सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी सीबीआई


बहरहाल , अब सीबीआई इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकती है । सीबीआई (CBI) ने 24 दिसंबर को दोनों को साल 2012 में वीडियोकॉन समूह को बैंक द्वारा लोन में धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए बुलाया था । सीबीआई ने चंदा कोचर और दीपक कोचर पर आरोप लगाते हुए कहा था कि दोनों सवाल के सही तरह जवाब नहीं दे रहे साथ ही जांच में सहयोग नहीं कर रहे , जिसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया गया था ।  

क्या है पूरा मामला

बता दें कि साल 2012 में ICICI बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 3,250 करोड़ का लोन दिया था ।  इसमें चंदा के पति दीपक कोचर की 50 फीसदी हिस्सेदारी थी । वहीं लोन दिए जाने के बाद ये नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) हो गया और बाद में इसे बैंक फ्रॉड घोषित किया गया ।  साल 2020 सितंबर महीने में प्रवर्तन निदेशालय ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था । आरोप है कि चंदा कोचर ने पति दीपक की कंपनी को लाभ पहुंचाया । वहीं, इसके खुलासे के बाद साल 2018 में उन्हें बैंक से इस्तीफा देना पड़ा था ।

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