Friday, November 27, 2020

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खुशखबरी - साल के अंत तक आ सकती है ICMR और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन , ट्रायल अंतिम चरण में पहुंचा

खुशखबरी - साल के अंत तक आ सकती है ICMR और सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन , ट्रायल अंतिम चरण में पहुंचा

नई दिल्ली । कोरोना काल यूं तो भारत में अब गुजरी हुई बात लगता है , लेकिन दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में एक बार फिर से बढ़ते मामलों ने लोगों को अभी भी दहशत में रखा हुआ है । इस सबके बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर एक अच्छी खबर आई है । असल में भारत में वैक्सीन विकसित कर रहे सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) के सीईओ अदार पूनावाला ने जानकारी दी है कि भारत में वैक्सीन का ट्रायल अंतिम चरण में पहुंच गया है । 

आपको बता दें कि SII और इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) भारत में COVISHIELD के नाम से वैक्सीन विकसित कर रहा है । इसके लिए तीन चरणों में टेस्टिंग की जा रही है । मीडिया से बातचीत में पूनावाला ने कहा कि हम अंतिम चरण में पहुंच गए हैं । सभी 1600 वॉलिंटियर्स पर आवश्यक दर्जनों COVISHIELD वैक्सीन की टेस्टिंग की जा चुकी है । अब अगले 28 दिनों तक इसकी निगरानी की जाएगी ।

जानकारी के अनुसार , ICMR और SII ने नोवावैक्स को यूएसए द्वारा विकसित COVOVAX (नोवावैक्स) के आधार पर बनाया है । अमेरिका की मदद से इसे SII द्वारा अपग्रेड किया जा रहा है ताकि इसके प्रभाव को और बढ़ाया जा सके ।

विदित हो कि इस वैक्सीन के लिए ICMR ने क्लिनिकल ट्रायल की फीस दी है जबकि SII ने COVISHIELD के लिए अन्य खर्चों को फंड किया है । COVISHIELD को SII के पुणे प्रयोगशाला में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी / एस्ट्रा ज़ेनेका के एक मास्टर वैक्सीन के साथ विकसित किया गया है । 


इस वैक्सीन के अब तक नतीजे बहुत अच्छे रहे हैं । शोध से जुड़े लोगों का कहना है कि ये नतीजे COVISHIELD कोरोना वायरस का स्थायी समाधान हो सकता है । COVISHIELD भारत में मानव परीक्षण में अब तक का सबसे उन्नत वैक्सीन है । चरण 2/3 परीक्षण के परिणामों के आधार पर, ICMR की मदद से SII भारत के लिए इस उत्पाद की शुरुआती उपलब्धता सुनिश्चत करेगा । SII ने पहले ही DCGI से कम जोखिम वाले विनिर्माण और स्टॉकपिलिंग लाइसेंस के तहत वैक्सीन की 40 मिलियन खुराक के निर्माण की व्यवस्था को पक्का कर लिया है । 

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने कहा, “वर्तमान में, भारत वैश्विक स्तर पर टीका विकास और विनिर्माण में एक प्रमुख भूमिका निभाता है. नवीनतम तकनीक और अच्छी तरह से सुसज्जित सुविधाओं से उत्साहित, SII ने लगातार अपने शोध और विनिर्माण कौशल को साबित किया है। 

 

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