Tuesday, July 5, 2022

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कर्नाटक – हिजाब विवाद के बाद अब बाइबल विवाद पर मचा हंगामा , प्राइवेट स्कूल ने अभिभावकों को दिए निर्देश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कर्नाटक – हिजाब विवाद के बाद अब बाइबल विवाद पर मचा हंगामा , प्राइवेट स्कूल ने अभिभावकों को दिए निर्देश

बेंगलुरु । पिछले कुछ समय से लगातार विवादों में रहने वाला कर्नाटक इस बार नए विवाद के साथ सामने आया है । हाल में कर्नाटक के स्कूल- कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर हुए विवाद के बाद अब राज्य के स्कूल से एक नया विवाद जुड़ गया है । यह नया विवाद बाइबिल से जुड़ा हुआ है । मिली जानकारी के अनुसार , एक प्राइवेट स्कूल ने अभिभावकों को अपना फरमान सुनाते हुए कहा है कि बच्चों को हर हाल में स्कूल में अपने साथ बाइबल लानी होगी । अभिभावक सके लिए अपने बच्चों को मना नहीं करेंगे । बच्चों को हर हाल में बाइबल को पढ़ना होगा । स्कूल के इस निर्देश के बाद हिंदू संगठनों ने इस फरमान का विरोध किया है। इन संगठनों का कहना है कि स्कूल द्वारा इस तरह के फरमान जारी करना , कर्नाटक शिक्षा अधिनियम का उल्लंघन है।

स्कूल ने एडमिशन फॉर्म में रखी शर्त

मिली जानकारी के अनुसार , बेंगलुरू के एक प्राइवेट स्कूल ने इस तरह का फरमान जारी किया है । इस स्कूल का नाम है क्लेरेंस हाई स्कूल । स्कूल ने अपने एडमिशन फॉर्म में जो प्वाइंट लिखे हैं , उसमें 11वें नंबर पर एक प्वाइंट ने विवाद खड़ा कर दिया है । इस प्वाइंट में लिखा है कि ' अभिभावक इस बात की पुष्टि करते हैं कि उनका बच्चा अपने आध्यात्मिक कल्याण के लिए मॉर्निंग असेंबली, स्क्रिप्चर क्लास सहित अन्य क्लासेज में भाग लेगा । बच्चा स्कूल में पवित्र धर्मग्रंथ बाइबल की शिक्षा पर कोई आपत्ति नहीं करेगा ।' 

स्कूल के फरमान पर भड़के हिंदू संगठन


स्कूल के एडमिशन फॉर्म में इस तरह की शर्तों को रखने  जानकारी जब हिंदू संगठनों को मिली तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया । उनका कहना है कि स्कूल का इस तरह दूसरे धर्म के बच्चों को जबरन बाइबल पढ़ने के लिए दबाव बनाना गलत है ।

सरकारी स्कूलों में भगवत गीता पढ़ाने पर काम

असल में यह विवाद ऐसे समय में उपजा है जब कर्नाटक सरकार ने राज्य सरकार के स्कूलों में भगवत गीता पढ़ाने की प्लानिंग का ऐलान किया है । राज्य के सीएम बोम्मई का कहना है कि, भगवद गीता को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने के निर्णय पर चर्चा की जा रही है । कुछ समय बाद इसे सामिल किया जाएगा । इस सबके बीच एक एक निजी स्कूल द्वारा बच्चों के लिए बाइबल को साथ लाने और उसे पढ़ने वाली शर्त पर विवाद गहरा गया है।

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