Thursday, November 26, 2020

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सिब्बल ने फिर ''सोनिया सेना'' पर साधा निशाना! , नेतृत्व का मुद्दा उठाते हुए कहा- पार्टी में बदलाव को लेकर गंभीरता नहीं

अंग्वाल न्यूज डेस्क

सिब्बल ने फिर

नई दिल्ली । पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक बार फिर से अपनी पार्टी के नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे को उठाते हुए ''सोनिया सेना'' पर निशाना साधा है । हाल में बिहार विधानसभा चुनावों में प्रदर्शन के साथ ही यूपी , एमपी और गुजरात समेत कुछ अन्य राज्यों में हुए उप चुनावों में मिली हाल को लेकर उन्होंने अपने ही नेताओं पर कटाक्ष किए हैं । इस मुद्दे पर इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए सिब्बल ने फिर से हाईकमान को आत्ममंथन की सलाह दी है । सिब्बल ने कहा कि देश के लोग, न केवल बिहार में, बल्कि जहां भी उपचुनाव हुए, जाहिर तौर पर कांग्रेस को एक प्रभावी विकल्प नहीं मानते. यह एक निष्कर्ष है । बिहार में विकल्प आरजेडी ही था। हम गुजरात में सभी उपचुनाव हार गए । पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की बात पर कोई गंभीर नहीं दिख रहा । 

बता दें कि हाल में बिहार विधानसभा चुनावों के साथ ही कई राज्यों में हुए उपचुनावों में कांग्रेस को एक बार फिर से हाल का सामना करना पड़ा है । आलम यह है कि कांग्रेस के नेताओं के साथ ही अब तो गठबंधन और सहयोगी दलों के नेताओं ने भी कांग्रेस के प्रदर्शन और उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं । समाजवादी पार्टी ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि अगर बिहार में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करती तो आज बिहार में महागठबंधन की सरकार होती । 

एक इंटरव्यू में कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि लोकसभा चुनाव में भी हमने वहां एक भी सीट नहीं जीती थी । उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों को 2 फीसदी से कम वोट मिले । मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस आत्ममंथन करेगी । वह बोले - अगर छह साल तक कांग्रेस ने आत्ममंथन नहीं किया है तो हमें इससे क्या उम्मीद है? हमें पता है कि कांग्रेस का क्या कसूर है । 

उन्होंने कहा - संगठनात्मक रूप से हम जानते हैं कि क्या गलत है । मुझे लगता है कि हमारे पास सभी उत्तर हैं । कांग्रेस पार्टी खुद ही सारे जवाब जानती है, लेकिन वे यह जवाब नहीं देना चाहती । जब तक आत्ममंथन नहीं किया जाएगा, तब तक कांग्रेस के ग्राफ में गिरावट जारी रहेगी ।

इस दौरान कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्लूसी) पर सिब्बल बोले - इसके संविधान में भी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अपनाया जाना चाहिए, जो कांग्रेस के संविधान के प्रावधानों में ही परिलक्षित होता है । आप नामांकित सदस्यों से यह उम्मीद नहीं कर सकते हैं कि वह सवाल उठाएं ।


बता दें कि सिब्बल कांग्रेस के उन नेताओँ में शामिल है , जिन्होंने पूर्व में भी चिट्ठी लिखकर पार्टी नेतृत्व में परिवर्तन की मांग की थी । हालांकि उस दौरान उनकी पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ अनबन भी हो गई थी । 

कांग्रेस नेतृत्व में सवाल उठाते हुए चिट्ठी लिखे जाने पर कपिल सिब्बल ने कहा कि नेतृत्व द्वारा बातचीत के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है, इसलिए मैं उन्हें सार्वजनिक रूप से व्यक्त करने के लिए विवश हूं । वह बोले - मैं एक कांग्रेसी हूं और एक कांग्रेसी रहूंगा और आशा करता हूं कि कांग्रेस फिर से खड़ी हो और राष्ट्र निर्माण को लेकर अपने मूल्यों को आगे बढ़ाए ।

हम कांग्रेसियों को यह समझना चाहिए कि हम गिरावट में हैं, जब से संचार क्रांति हुई है, तब से चुनाव प्रेसिडेंशियल चुनाव के रूप में बदल गया ।यदि हम अपनी कमियों को पहचान नहीं पा रहे हैं, तो भी चुनावी प्रक्रिया से वांछित परिणाम नहीं मिलेंगे। 

 

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