Tuesday, November 30, 2021

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मुगलों ने कभी धर्म के नाम पर न अत्याचार किया न जबरन धर्म परिवर्तन करवाया - मणिशंकर अय्यर

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मुगलों ने कभी धर्म के नाम पर न अत्याचार किया न जबरन धर्म परिवर्तन करवाया  - मणिशंकर अय्यर

नई दिल्ली । यूपी विधानसभा चुनावों से पहले देश की सियासत में जिन्ना , चंद्रगुप्त मौर्य के बाद अब मुगलों के राज और उनके रवैये को लेकर नया बयान सामने आया है । इस बार यह बयान आया है कांग्रेसी नेता मणिशंकर अय्यर की ओर से । मणिशंकर अय्यर ने एक जनसभा में मुगलों की तारीफ में कसीदे पढ़ते हुए कहा कि मुगलों ने कभी भी धर्म के नाम पर अत्याचार नहीं किया । उन्होंने कहीं भी जबरन धर्म परिवर्तन नहीं करवाया । मुगल तो अंग्रेजो से अच्छे थे , क्योंकि वह जहां गए उन्होंने उसे अपना घर बना लिया , लेकिन अंग्रेजो ने तो भारत में व्यापार करने के बाद राज किया लेकिन कहा कि उनका घर तो इंग्लैंड में ही है । उनके इस बयान के बाद अब नया बखेड़ा शुरू हो गया है । 

बाबर अकबर की जमकर तारीफ

बता दें कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की जयंति पर आयोजित एक कार्यक्रम में अपने विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने वाले कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने मुगल शासन की जमकर तारीफ की है। उन्होंने मुगल शासन में हुए अत्याचारों की बातों का खंडन किया। उन्होंने दावा किया कि मुगलों ने कभी देश में धर्म के नाम पर अत्याचार किया ही नहीं। उन्होंने मुगल बादशाह अकबर के शासन से लेकर तमाम दूसरे मुगल बादशाहों का उदाहरण देकर दावा किया कि मुगल शासन में कभी जोर जबरदस्ती धर्म परिवर्तन नहीं करवाया गया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर हमला बोला। 

मुगलिया शासन की शान में तारीफें करते हुए अय्यर ने कहा कि अंग्रेजों और मुगलों में बड़ा फर्क ये था कि मुगल इस देश को अपना मानते थे। मणिशंकर अय्यर ने बाबर की तारीफ कहते हुए कहा कि बाबर ने अपने बेटे हूमायूं को चिट्ठी लिखी थी जिसमें हिंदुस्तान के लोगों के धर्म में किसी तरह का दखल ना देने की बात कही थी। यही वजह है कि अकबर के शासन में धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं होता था।

सलमानों के जनसंख्या बढ़ाने के आरोपों को खारिज किया

उन्होंने मुसलमानों की जनसंख्या को लेकर अपने बयान के समर्थन में तर्क पेश करते हुए उन्होंने बकायदा तथ्य भी पेश किया। मणिशंकर अय्यर ने पुरानी जनगणना का हवाला देते हुए कहा कि  1872 में देश में 72 फीसदी हिंदू थे और 24 फीसदी मुसलमान थे। कमोबेश ये संख्या अब भी वैसी ही है, इसलिए मुसलमानों पर जनसंख्या बढ़ाने के आरोप पूरी तरह से गलत हैं। अय्यर ने कहा कि 1872 में अंग्रेजों ने पहला सेंसस करवाया और उससे पता लगा कि 666 साल राज करने के बाद मुसलमानों की तादाद भारत में क़रीब 24 फीसदी और हिंदुओं की 72 फीसदी थी।

भाजपा के आरोप गलत

उन्होंने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा, “ये कहते हैं कि मारपीट हुई, सब लड़कियों से बलात्कार हुआ और इन्होंने सबको मुसलमान बना लिया। अरे..मुसलमान बनते तो आंकड़े तो अलग होने चाहिए। 72 प्रतिशत मुसलमान होने चाहिए और 24 प्रतिशत हिंदू होने चाहिए, लेकिन असलियत क्या थी कि इतने ही थे और इसलिए पार्टीशन मांगने के पहले जिन्ना जी की बस एक ही मांग थी कि 30 फीसदी आरक्षण दीजिए सेंट्रल एसेंबली में….उन्होंने ये नहीं मांगा कि हमें 80 दो या 90 दो….उन्होंने 30 प्रतिशत मांगा..और ये इनकार किया गया क्योंकि उनकी तादाद मात्र 26 प्रतिशत की थी उस दिन।”


 

मुगलों ने देश को अपना बनाया

उन्होंने कहा, “मुगलों ने इस देश को अपना बनाया। अंग्रेजों ने कहा कि हम तो यहां राज करने आए हैं। बाबर जो थे..जिसकी औलाद भारतीय जनता पार्टी के लोग मुझे नाम देते हैं…कि ये बाबर की औलाद है…इन लोगों को मैं बताना चाहता हूं कि वही बाबर भारतवर्ष आया सन 1526 में और उनकी मौत हुई 1530 में..मतलब वो भारत में मात्र 4 साल रहे…उन्होंने हूमायूं को बताया कि यदि आप इस देश को चलाना चाहते हो…यदि आप अपने साम्राज्य को सुरक्षित रखना चाहते हो तो आप यहां के निवासियों के धर्म में दखल ना दीजिएगा।”

भाजपा पर तीखा हमला

इसी क्रम में उन्होंने कहा - राहुल गांधी ने हाल में कहा कि हिंदू धर्म और हिंदुस्तव में अंतर है तो मैं इसमें यह जोड़ना चाहता हूं कि हम जो हिंदू धर्म में विश्वास रखते हैं हम 100 फीसदी भारतीय है , हम सारे जो इस देश के लोग है हम उन्हें भारतीय समझते हैं , लेकिन चंद लोग हैं हमारे बीच में जो आज सत्ता में हैं , वह समझते हैं कि 80 फीसदी भारतीय जो इस धर्म को मानते हैं वहीं भारतीय है , बाकि 20 फीसदी जो हैं वो मेहमान बनकर रह रहे हैं , हम जब चाहे उन्हें इस देश से निकाल देंगे । 

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