Friday, February 26, 2021

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किसान आंदोलन LIVE - सिंधु बॉर्डर पर फिर फोर्स बढ़ी , टिकैत बोले - हमें PM से एक कॉल दूर वाला नंबर दो

अंग्वाल न्यूज डेस्क
किसान आंदोलन LIVE - सिंधु बॉर्डर पर फिर फोर्स बढ़ी , टिकैत बोले - हमें PM से एक कॉल दूर वाला नंबर दो

नई दिल्ली । किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को दिल्ली के सिंधु बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की संख्या बढ़ी हुई देखी गई है । वहीं दिल्ली के दूसरे गाजीपुर बॉर्डर पर भी दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग और सड़कों पर कीलें लगा दी हैं । इस सारी तैयारियों के बीच लोगों को फिर से किसी बड़ी कार्रवाई का अंदेशा है , लेकिन इन कवायदों के बीच किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार से उस नंबर की मांग की है , जिसे लेकर पीएम मोदी ने पिछले दिनों कहा था कि किसान पीएम से बात करने के लिए सिर्फ एक कॉल की दूरी है । साथ ही टिकैत बोले - जब हमें दिल्ली जाना ही नहीं तो क्यों गाजीपुर बॉर्डर पर ये कीलें और बैरिकेडिंग लगाई जा रही है । इससे जनता को ही परेशानी होगी । 

बता दें कि कुछ दिनों में गाजीपुर बॉर्डर में प्रदर्शनकारियों की संख्या में जबरदस्त इजाफा हुआ है, साथ ही सिंघु बॉर्डर पर भी हाल ही में बवाल हुआ था । इस सबके बीच लगातार किसानों का प्रदर्शन स्थल पर आना जारी है । इस सबके बीच मंगलवार को सिंधु बॉर्डर पर सुरक्षाबलों की संख्या में इजाफा देखा गया है । वहीं बॉर्डर पर हुई किलेबंदी को लेकर किसान नेता भी कुछ समझ नहीं पा रहे हैं । 

आंदोलन के 69वें दिन भी कृषि कानूनों के खिलाफ किसान लगातार सिंघु बॉर्डर (Singhu Border) पर जमे हुए हैं । इस सबपर संयुक्त किसान मोर्चा का बयान सामने आया है , जिसमें उन्होंने कहा है कि पुलिस और प्रशासन द्वारा किसानों के आंदोलन के खिलाफ विभिन्न प्रकार के उत्पीड़न को तुरंत नहीं रोका जाता है, तब तक सरकार के साथ कोई औपचारिक बातचीत नहीं हो सकती । उन्होंने कहा कि ट्रेंच-खुदाई, सड़कों पर खड्डे, कंटीले तारों की बाड़ लगाना, यहां तक ​​कि आंतरिक छोटी सड़कों को बंद करना, इंटरनेट सेवाओं को रोकना, भाजपा-संघ कार्यकर्ताओं द्वारा हमारे विरोध प्रदर्शन को रोकना , पत्रकारों को गिरफ्तार करना , ट्वीटर अकाउंट बंद करना यह सब ठीक नहीं है । ये सब हमारे उत्पीड़न का हिस्सा हैं। 

इससे इतर , भारतीय किसान यूनियन (BKU) प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) यहां प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे हैं । लगातार किसानों की संख्या बढ़ती जा रही है । विरोध प्रदर्शन को देखते हुए बॉर्डर पर सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं । इस बीच टिकैत ने कहा कि हमें वह नंबर चाहिए , जिसपर सरकार ने कहा है कि वह एक कॉल की दूरी पर है । उन्होंने गाजीपुर बॉर्डर पर सख्ती को लेकर कहा कि जब हमने दिल्ली जाना ही नहीं तो आखिर सड़कों पर कीलें क्यों लगाई जा रही हैं ।

टिकैत बोले - जनता के लिए जितने रास्ते बंद होंगे , उतना जनता को ही पता चलेगा कि कौन किसके लिए कील लगा रहा है । यह रोटी को संदूक में बंद रखने की साजिश है , जिसे जनता जान चुकी है । टिकैत ने कहा कि 6 फरवरी को जो हमने चक्का जाम करना है , उससे जनता को परेशान नहीं किया जाएगा । 

उन्होंने अपने आंदोलन के बड़े होने पर कहा कि यहां तो मेला लगा हुआ है , जहां हर कोई आ रहा है , लेकिन कोई भी आकर वोट नहीं मांग रहा है । उन्होंने कहा कि एक कहावत है कि जो मेले में खोता है वो मेले में ही मिलता है । ऐसा मानें तो यह आंदोलन अक्तूबर तक जाएगा । अगर मामला 4 5 दिनों में नहीं सुलझा तो यह साल पूरा आंदोलन में ही जाएगा ।

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