Saturday, January 16, 2021

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LIVE - किसानों ने दिल्ली - यूपी बॉर्डर को पूरी तरह बंद किया , सड़कों पर जाम से जूझ रहे लोग 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
LIVE - किसानों ने दिल्ली - यूपी बॉर्डर को पूरी तरह बंद किया , सड़कों पर जाम से जूझ रहे लोग 

नई दिल्ली । किसानों का कृषि बिल को लेकर जारी आंदोलन अपने 27वें दिन भी बदस्तूर जारी है । इतना ही नहीं किसानों ने मंगलवार को अपना प्रदर्शन थोड़ा और उग्र करते हुए दिल्ली यूपी बॉर्डर को पूरी तरह से बंद कर दिया है । अब दिल्ली से आने जाने वाले लोगों के लिए एनएच 9 को पूरी तरह के बंद हो गया है । इसके साथ ही आंदोलनरत किसानों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है । वह शिफ्ट बना कर 11-11 किसान भूख हड़ताल करेंगे । हालांकि इस सबके बीच यूपी से दिल्ली आने जाने वाले वाले यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है । 

इससे इतर, सरकार ने एक बार फिर किसानों से बातचीत करने का प्रस्ताव भेजा है । ऐसे में आज किसान संगठनों की एक बैठक होने वाली है जिसमें सरकार के प्रस्ताव को लेकर अहम फैसला लिया जा सकता है। केंद्र सरकार ने 40 किसान संगठनों को संबोधित करते हुए एक पत्र लिखा था और उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया था । हालांकि कुछ किसान नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाए हैं कि उन्हें अभी तक बातचीत के लिए कोई निमंत्रण नहीं मिला है । 

बता दें कि सरकार ने यह भी कहा था किसान संगठन अपनी पसंद से कोई भी तारीख चुन सकते हैं । इस सबके बीच ऐसी संभावना जताई जा रही है कि किसान संगठनों की आज की बैठक में केंद्र सरकार के प्रस्ताव को लेकर कोई फैसला लिया जा सकता है । इस बीच भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमें कृषि मंत्री से अभी तक कोई बैठक का निमंत्रण नहीं मिला है । किसानों ने निर्णय लिया है कि जब तक सरकार सभी 3 कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती तब तक वे वापस नहीं जाएंगे । सभी मुद्दों को हल करने में एक महीने से अधिक समय लगेगा. सरकार हमारे पास आएगी ।


वहीं, किसानों के आंदोलन को समर्थन देने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट की महिला वकील फोरम ने उपवास रखने का फैसला किया है । महिला वकीलों का कहना है कि जिस तरह से कृषि कानूनों को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है । उसमें वह भी अपना समर्थन किसानों को देने के लिए एक दिन का उपवास रखेंगी । इससे पहले सुप्रीम कोर्ट की बार एसोसिएशन ने भी किसानों के प्रदर्शन को अपना सहयोग देते हुए उन्हें कानूनी सहायता देने का प्रस्ताव रखा था । इसी क्रम में सिख दंगा 1984 के केस लड़ने वाले वकील एचएस फुल्का ने भी कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के प्रदर्शन को अपना पूरा सहयोग देने की बात की थी ।

बहरहाल , दिल्ली बॉर्डर पर दिन निकलते ही किसानों ने एक बार फिर से एनएच 9 को पूरी तरह से जाम कर दिया है । दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली लेन पर भी किसान बैठे हैं । एनएच 9 को कल दोपहर से पूरी तरह जाम कर दिया गया था । किसानों का आरोप है कि कुठार, पूरणपुर आदि में यूपी गेट आ रहे किसानों की ट्रालियां रोकी गई हैं, जिसके बाद आज सुबह किसानों ने एनएच-9 को पूरी तरह से बंद कर दिया है । 

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