Friday, September 17, 2021

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मीनाक्षी लेखी बोलीं- आंदोलन करने वाले किसान नहीं मवाली हैं , कृषिमंत्री बोले- हम फिर से बात करने को तैयार

अंग्वाल न्यूज डेस्क
मीनाक्षी लेखी बोलीं- आंदोलन करने वाले किसान नहीं मवाली हैं , कृषिमंत्री बोले- हम फिर से बात करने को तैयार

नई दिल्ली । कृषि कानून के विरोध में एक बार फिर से दिल्ली की सड़कों पर हंगामा करने वालें आंदोलनकारियों को लेकर संसद से लेकर सड़क तक कोहराम मचा हुआ है । जहां गुरुवार को जंतर मंतर के बाहर किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया , वहीं संसद के दोनों सदनों में विपक्षी दलों ने एकजुट होकर मोदी सरकार को घेरने की रणनीति बनाई । इस सबके बीच केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने फिर से कहा कि वह किसानों से बातचीत करने को तैयार हैं । वहीं विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने इस दौरान कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन करने वालों को मवाली कहा । उन्होंने तर्क दिया कि ये लोग सिर्फ बिचौलियों की मदद करने के लिए हंगामा कर रहे हैं । उनके इस बयान के बाद नया हंगामा खड़ा हो गया है । 

बता दें कि गुरुवार सुबह किसानों ने सिंधू बोर्डर से जंतर मंतर पर आंदोलन करने के लिए कूच किया । भारी सुरक्षा बल के साथ किसान जंतर मंतर पहुंचे और उनके वहां पहुंचते ही आंदोलनकारियों ने हंगामा शुरू कर दिया । इसके चलते दिल्ली के कई इलाकों में जाम की स्थिति उत्पन्न हुई । इससे इतर , संसद में भी किसान आंदोलन को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर जमकर निशाना साधा । 

विपक्ष के हंगामे के बीच एक बार फिर से कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों के साथ बातचीत के लिए सरकार के तैयार रहने की बात कही । उन्होंने कहा , सरकार पहले भी बातचीत के जरिए मामला सुलझाने की बात कह चुकी है । उन्होंने कहा - मोदी सरकार किसान हितैषी है । 


हालांकि विदेश राज्यमंत्री मीनाक्षी लेखी ने प्रेस वार्ता के दौरान विवादित बयान दे डाला । उन्होंने कहा कि दिल्ली में कृषि कानून के विरोध में आंदोलन करने रहे प्रदर्शनकारी मवाली है । वह बिचौलियों की मदद करने के लिए ऐसा कर रहे हैं । 

बहरहाल , जहां एक तरफ किसान जंतर मंतर पर आंदोलन कर रहे थे, वहीं संसद परिसर में विपक्ष ने किसानों के समर्थन में हंगामा किया।  संसद के भीतर विपक्ष के सांसदों ने किसानों के समर्थन में हंगामा किया। वहीं संसद परिसर में कांग्रेस के सांसदों ने कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग की । इस प्रदर्शन में राहुल गांधी भी शामिल हुए । शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि सरकार किसानों से वादाख़िलाफ़ी कर रही है, इसलिए किसान प्रदर्शन के लिए मजबूर हैं । कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के मुद्दे पर चर्चा से भाग रही है । 

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