Wednesday, July 28, 2021

Breaking News

   बिहार: पटना में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार     ||   जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने पुलिस कांस्टेबल की पत्नी और बेटी पर गोलियां चलाईं, दोनों जख्मी     ||   पेगासस मामला: दुनिया के 14 बड़े नेताओं की भी की गई जासूसी, PM इमरान समेत कई अन्य का लिस्ट में नाम     ||   जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट केस: कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी     ||   पेगासस मामला: शिवसेना ने की जेपीसी जांच की मांग, कहा- यह हमला आपातकाल से भी बदतर     ||   महाराष्ट्र सरकार ने भी HC से कही थी ऑक्सीजन की कमी से मौत ना होने की बात- अमित मालवीय     ||   नवजोत सिंह सिद्धू के आवास पर पहुंचे 62 MLA, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बोले- बदलाव की बयार     ||   राम मंदिर ट्रस्ट में भी उठे जमीन खरीद पर सवाल, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट     ||   यूपीः बसपा से बागी हुए 9 विधायक आज अखिलेश यादव से करेंगे मुलाकात     ||   वैक्सीन विवाद पर अखिलेश यादव बोले, पहले यूपी की सारी जनता को लग जाए, फिर मैं लगवा लूंगा     ||

सरकारी विभागों से रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू , नियम तोड़ने पर बंद हो सकती है पेंशन

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सरकारी विभागों से रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू , नियम तोड़ने पर बंद हो सकती है पेंशन

नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार ने देश की सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों से जुड़े विभागों से सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के लिए नए नियम बना दिए हैं। इन नियमों के तहत इन विभागों से जुड़े रहे रिटायर्ड कर्मचारियों को अब किसी भी प्रकार के लेख प्रकाशित करने , किताब लिखने  से पहले अपने मूल विभाग के प्रमुख से इजाजत लेनी होगी । इस तरह का कुछ भी काम करने से पहले मूल विभाग के प्रमुख की इजाजत जरूरी होगी । बिना इजाजत के उसके द्वारा किए गए काम को गैरकानूनी माना जाएगा । इतना ही नहीं ऐसा करने पर सेवानिवृत्त कर्मचारी की पेंशन भी बंद की जा सकती है । 

केंद्र सरकार ने इसके लिए बकायदा 31 मई को एक अधिसूचना जारी की गई है । कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की ओर से जारी इस नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सेवानिवृत्त होने के बाद किसी भी प्रकार के प्रकाशन से जुड़ने से पहले इन विभागों के कर्मचारियों को अपने HOD से अनुमति लेनी होगी । किसी भी तरह की संवेदनशील सूचना को अब अपनी मर्जी से प्रकाशित नहीं किया जा सकता, उसकी जांच होना जरूरी हो गया है। 

अधिसूचना में कहा गया है कि विभाग से जुड़ी किसी जानकारी, किसी व्यक्ति के पद या उससे जुड़ी सूचना के अलावा विभाग में रहने के दौरान ज्ञात जानकारी या विशेषताओं के बारे में प्रकाशन से पहले उस विभाग के प्रमुख की अनुमित लेनी पड़ेगी । 


आदेश के मुताबिक विभाग के प्रमुख के पास किसी भी लेख या किताब को लेकर यह तय करने का अधिकार होगा कि सामग्री संवेदनशील है या नहीं । एक फॉर्म 26 अंडरटेकिंग के तौर पर कर्मी को देना होगा , जिसमें इस बात का प्रावधान रखा गया है कि अगर वह नियमों को तोड़ता है तो उनकी पेंशन भी रोकी जा सकती है । 

 

Todays Beets: