Thursday, February 25, 2021

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राष्ट्रपति बजट सत्र से पहले अभिभाषण में बोले - 26 जनवरी को पवित्र दिन का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण

अंग्वाल न्यूज डेस्क
राष्ट्रपति बजट सत्र से पहले अभिभाषण में बोले - 26 जनवरी को पवित्र दिन का अपमान दुर्भाग्यपूर्ण

नई दिल्ली । संसद का बजट सत्र शुक्रवार से शुरू हो गया है । इसकी शुरुआत राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण से हुआ । इस दौरान राष्ट्रपति ने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में हो रहा यह सत्र बहुत महत्वपूर्ण है । उन्होंने कहा कि नए दशक और नए साल का पहला सत्र है । इसी के साथ हम भारत की आजादी के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहे हैं । संसद का यह बजट सत्र कोरोना महामारी के चलते बहुत अहम है । लेकिन चुनौतियों के सामने भारत नहीं रुकेगा । भारत ने हाल में एकजुट होकर असंभव लक्ष्य को हासिल किया है । इस दौरान देशवासियों ने अपने साहस का परिचय दिया । सरकार ने भी गरीबों का ख्याल रखा । - अपने अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले दिनों हुए तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन के अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, ‘संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए ।’

बता दें कि आज से बजट सत्र शुरू हो रहा है. एक फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश किया जाएगा । दो हिस्सों में चलने वाला बजट सत्र 8 अप्रैल तक चलेगा । बजट सत्र पहला चरण आज से 15 फरवरी तक चलेगा जबकि दूसरा हिस्सा 8 मार्च से 8 अप्रैल तक चलेगा । 

राष्ट्रपति के इस अभिभाषण के दौरान क्या कहा गया , पढ़ें... 

- राष्ट्रपति कोविंद ने इस दौरान कहा कि मेरी सरकार ने कई योजनाएं चलाईं हैं और सभी वर्ग के लोगों का ख्याल रखा गया है । सरकार ने गरीबों का ख्याल रखा । 

-उन्होंने कहा कि आज के समय में देश को आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ना होगा । उन्होंने कहा कि भारत ने कोरोना काल में कई तरह की योजनाएं चलाकर आत्मनिर्भरता को बढ़ाया । असल में कोरोना काल में भारत ने अपनी क्षमता दुनिया को दिखाई । भारत ने लाखों विदेशियों को भी अपनी भारत निर्मित कोरोना वैक्सीन से लाभ दिया है , जिसके चलते मेरी सरकार की दुनिया भर में तारीफ हो रही है ।

- उन्होंने कहा कि मेरी सरकार ने मानवता दिखाते हुए अपने पड़ोसी देशों को निशुल्क कोरोना की वैक्सीन दी है । पिछले कुछ सालों में किए गए कामों का असर कोरोना काल में नजर आया । यही कारण रहा कि आज भारत दूसरों की भी सहायता कर रहा है । कोरोना टीका में अब भारत आत्मनिर्भर बन गया है । 

- उन्होंने कहा कि मेरी सरकार की पहल के चलते आज देश में स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर जागरूकता बढ़ी है । 

- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया । सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, कामगारों और अपने घर से दूर रहने वाले लोगों की भी चिंता की।’

- अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है । आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।’


- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘महामारी के खिलाफ इस लड़ाई में हमने अनेक देशवासियों को असमय खोया भी है। हम सभी के प्रिय और मेरे पूर्ववर्ती राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन भी कोरोना काल में हुआ। संसद के 6 सदस्य भी कोरोना की वजह से असमय हमें छोड़कर चले गए। मैं सभी के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’

-इस दौरान राष्ट्रपति ने विवादित तीनों कृषि कानून को लेकर कहा कि इनकी मदद से देश के लाखों किसानों ने लाभ पाया है। देश में सिंचाई में काफी सुधार आया है । एमएसपी पर सरकार ने रिकॉर्ड खरीदारी की है । सरकार ने स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट लागू की । हालांकि कुछ विवादों के चलते सुप्रीम कोर्ट ने इन कानूनों पर रोक लगाई है , जिसका मेरी सरकार पूरा सम्मान करती है । हालांकि इन कृषि कानूनों पर कई दलों ने भरपूर समर्थन दिया है । सरकार कृषि कानूनों को लेकर जारी भ्रम को दूर करने का काम भी कर रही है। 

- इस दौरान राष्ट्रपति ने लालकिले पर हुई हिंसक घटना का जिक्र करते हुए इसे काफी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया । उन्होंने कहा कि इस पवित्र दिन ऐसी हरकत बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है । 

- राष्ट्रपति ने कहा, ‘गांव के लोगों का जीवन स्तर सुधरे, यह मेरी सरकार की प्राथमिकता है । इसका उत्तम उदाहरण 2014 से गरीब ग्रामीण परिवारों के लिए बनाए गए 2 करोड़ घर हैं । वर्ष 2022 तक हर गरीब को पक्की छत देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना की गति भी तेज की गई है।’

- अपने अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने पिछले दिनों हुए तिरंगे और गणतंत्र दिवस जैसे पवित्र दिन के अपमान बहुत दुर्भाग्यपूर्ण बताया . उन्होंने कहा, ‘संविधान हमें अभिव्यक्ति की आजादी का अधिकार देता है, वही संविधान हमें सिखाता है कि कानून और नियम का भी उतनी ही गंभीरता से पालन करना चाहिए ।’

- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘हामारी के कारण शहरों से वापस आए प्रवासियों को उनके ही गांवों में काम देने के लिए मेरी सरकार ने छह राज्यों में गरीब कल्याण रोजगार अभियान भी चलाया । इस अभियान की वजह से 50 करोड़ Man-days के बराबर रोजगार पैदा हुआ ।’

- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना’ के माध्यम से 8 महीनों तक 80 करोड़ लोगों को 5 किलो प्रतिमाह अतिरिक्त अनाज निशुल्क सुनिश्चित किया गया । सरकार ने प्रवासी श्रमिकों, कामगारों और अपने घर से दूर रहने वाले लोगों की भी चिंता की।’

- अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, ‘मुझे संतोष है कि मेरी सरकार के समय पर लिए गए सटीक फैसलों से लाखों देशवासियों का जीवन बचा है । आज देश में कोरोना के नए मरीजों की संख्या भी तेजी से घट रही है और जो संक्रमण से ठीक हो चुके हैं उनकी संख्या भी बहुत अधिक है।’ 

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