Friday, September 24, 2021

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पेगासस जासूसी प्रकरण - CJI ने कहा - हम जानना चाहते हैं सरकार क्या कर रही है , केंद्र बोला - यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं

अंग्वाल न्यूज डेस्क
पेगासस जासूसी प्रकरण - CJI ने कहा - हम जानना चाहते हैं सरकार क्या कर रही है , केंद्र बोला - यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं

नई दिल्ली । देश की सियासत में भूचाल लाने वाले पेगासस जासूसी प्रकरण पर सोमवार को दोबारा से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई । इस दौरान चीफ जस्टिस ने सरकार से कहा कि कोर्ट यह जानना चाहती है कि आखिर सरकार इस मामले में क्या कर रही है । कोर्ट ने यह बात इसलिए कही क्योंकि इससे पहले केंद्र सरकार ने दो बार इस मामले में हलफनामा दायर करने के लिए समय लिया लेकिन अब उसने साफ मना कर दिया है कि वह इस मामले में हलफनामा दायर नहीं करेगी ।

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल ने कहा , इस मामले में सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं है और इसी वजह से उसने अपनी ओर से विशेषज्ञों की समिति का गठन करने की बात कही है ।  किसी सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल हुआ है या नहीं, यह सार्वजनिक चर्चा का विषय नहीं है ।  सुनवाई के अंत में कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है । कोर्ट ने कहा कि अगले दो तीन दिनों में इस पर फैसला होगा कि इस मामले के लिए एसआईटी गठित होगी या न्यायिक समिति । 

विदित हो कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से साफ कर दिया है कि कथित पेगासस जासूसी मामले में स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर वह विस्तृत हलफनामा दायर करने का इच्छुक नहीं है ।  इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसीटर जनरल ने कहा, 'याचिकाकर्ता चाहते हैं सरकार लिख कर दे कि वह सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करती है या नहीं. हमारा मानना है कि हलफनामा दाखिल कर इस पर बहस नहीं कर सकते । आईटी एक्ट की धारा 69 सुरक्षा के लिहाज से सरकार को निगरानी की शक्ति देती है । हम निष्पक्ष कमिटी बनाएंगे। इसपर CJI ने कहा, 'हमें जानना है कि क्या कोई भी स्पाईवेयर का इस्तेमाल कर सकता है? क्या इसका इस्तेमाल सरकार ने किया? क्या यह कानूनी तरीके से हुआ? सरकार अगर हलफनामा दाखिल नहीं करना चाहती तो हमें आदेश पारित करना पड़ेगा । 


इससे इतर , याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने कहा, 'जेठमलानी केस में SC ने कहा था कि जानकारी देना दोनों पक्षों का कर्तव्य है । 2019 में कहा गया था कि 120 लोगों की जासूसी की आशंका पर सरकार ने संज्ञान लिया है . व्हाट्सएप से जवाब मांगा गया है. इसका क्या हुआ? हमारा आरोप है कि सरकार जानकारी छिपाना चाहती है । फिर उसे कमिटी क्यों बनाने दिया जाए. हवाला केस में कोर्ट ने रिटायर्ड जज की कमिटी बनाई थी। 

बहरहाल , इस मामले में अगले दो तीन दिन में अब कोर्ट इस मुद्दे की जांच के लिए न्यायिक कमेटी बनाई जाएगी या एसआईटी गठित की जाएगी । 

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