Wednesday, October 5, 2022

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अहमद पटेल से 30 लाख रुपये मिलने पर तीस्ता सीतलवाड़ ने मोदी के खिलाफ रची कई साजिश - SIT

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अहमद पटेल से 30 लाख रुपये मिलने पर तीस्ता सीतलवाड़ ने मोदी के खिलाफ रची कई साजिश - SIT

नई दिल्ली । तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका को लेकर जारी याचिकाओं का विरोध करते हुए मामले की जांच कर रही SIT ने एक हलफनामा कोर्ट में दाखिल किया है। इस हलफनामे में खुलासा हुआ है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता अहमद पटेल ने गोधरा दंगों के बाद तीस्ता सीतलवाड़ को 30 लाख रुपये दिए थे । यह रकम किसी सामाजिक कार्य के लिए नहीं बल्कि उनके निजी खाते में उनके लिए ही दी गई थी । एसआईटी के हलफनामे के अनुसार , कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने दो बार पैसे दिए थे । रकम का लेन देन सर्किट हाउस में हुआ था । इस हलफनामे में दावा किया गया है कि तीस्ता सीतलवाड़ को 2002 में गुजरात सरकार को अस्थिर करने के लिए कांग्रेस से फंड मिला था। इतना ही नहीं उसे यह रकम गुजरात और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को बदनाम करने के लिए दिए गए थे। 

एसआईटी ने सत्र अदालत में दायर किया हलफनामा

बता दें कि इस पूरे प्रकरण को लेकर सबूत गढ़ने के मामले की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने शुक्रवार को शहर की एक सत्र अदालत को बताया कि सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़, पूर्व डीजीपी आरबी श्रीकुमार और पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट ने साजिश के इस मामले को अंजाम दिया था। तत्कालीन निर्वाचित गुजरात सरकार को बर्खास्त करने और अस्थिर करने और तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी सहित निर्दोष लोगों को गलत तरीके से फंसाने के लिए राजनीतिक उद्देश्य के साथ बड़ी साजिश की गई थी।

मोदी की छवि खराब करना था लक्ष्य


एसआईटी ने तीस्ता सीतलवाड़ और श्रीकुमार द्वारा दायर जमानत याचिकाओं का विरोध करते हुए यह हलफनामा दायर किया है , जिसमें दो गवाहों का हवाला भी दिया गया है । सामने आया है कि गुजरात की छवि खराब करने की साजिश रचने के लिए ही तीस्ता को रकम दी गई थी । तीस्ता ने यह काम 'राज्य सभा के तत्कालीन सांसद और राजनीतिक और राजनीतिक नेता स्वर्गीय अहमद पटेल के इशारे पर रची थी। अहम पटेल जो भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी के सलाहकार थे।' गवाहों का हवाला देते हुए, एसआईटी ने आगे दावा किया कि सीतलवाड़ ने गोधरा ट्रेन की घटना के एक सप्ताह के भीतर राहत शिविरों का दौरा किया और राजनीतिक पदाधिकारियों के साथ बैठकें कीं।

राज्यसभा सांसद बनन चाहती थी तीस्ता

SIT ने आरोप लगाया कि 2007 में, केंद्र सरकार ने सीतलवाड़ को 'दुर्भावनापूर्ण और कष्टप्रद अभियोजन के लिए' पद्म श्री से सम्मानित किया। जांच एजेंसी ने उन पर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा हासिल करने के लिए ये प्रयास करने का आरोप लगाया है और कहा कि उनका लक्ष्य राज्यसभा सदस्य बनना था। एसआईटी ने एक गवाह का हवाला दिया, जिसने दावा किया कि सीतलवाड़ ने एक राजनीतिक नेता से सवाल किया कि फिल्म हस्तियों शबाना आज़मी और जावेद अख्तर को सांसद क्यों बनाया गया और उन पर विचार नहीं किया गया।  

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