Friday, August 19, 2022

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योगी सरकार ने ''मिशन बुलडोजर'' को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब , जानें कोर्ट में क्या दी दलील

अंग्वाल न्यूज डेस्क
योगी सरकार ने

लखनऊ । उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने ''मिशन बुलडोजर'' को लेकर उठे सवालों के बाद सुप्रीम कोर्ट के कहने पर शीर्ष अदालत में अपने जवाब दाखिल कर दिया है । अपने हलफनामे में योगी सरकार ने बताया है कि बुलडोजर के जरिए की गई सभी कार्रवाई (Bulldozer Action) कानून के तहत हुई हैं । सरकार की ओर से कहा गया है कि अवैध निर्माण को गिराने के लिए तय कानूनी प्रक्रिया का पालन किया गया है । इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर एक याचिका को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब दाखिल करने के लिए कहा था । अब से थोड़ी देर बाद कोर्ट में इस मामले में सुनवाई होगी ।

बता दें कि यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार (UP Govt) ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दाखिल कर कहा कि जिन अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया है, उन्हें हटाने के लिए पहले से ही नोटिस दिया गया था । इसके साथ ही सरकार ने बताया कि किसी भी कार्रवाई में कानून का उल्लंघन नही किया है । 

सरकार ने अपने हलफनामे में कहा कि सहारनपुर में नाबालिग की गिरफ्तारी का दावा गलत है । प्रयागराज का मामला हाई कोर्ट में लंबित है और उसे सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में लाने की जरूरत नहीं है ।  जमीयत की याचिका अवैध निर्माण को बचाने की कोशिश है और उनकी ओर से कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश हुई है. ये याचिका खारिज की जाए । 


विदित हो कि यूपी समेत अन्य राज्यों में की गई बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Action) के खिलाफ जमीयत उलेमा हिंद (Jamiat Ulema-e-Hind) की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई होनी है । जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रमुख मौलाना अरशद

मदनी (Maulana Arshad Madani) ने बुलडोजर एक्शन (Bulldozer Acction) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का रुख किया था ।  जमीयत उलेमा-ए-हिंद का कहना है कि दंगों में एक तरफ मुसलमानों को एकतरफा गिरफ्तार किया गया, वहीं दूसरी तरफ कानपुर, प्रयागराज (इलाहाबाद) और सहारनपुर शहरों में प्रशासन ने मुसलमानों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया ।

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