Thursday, January 23, 2020

Breaking News

   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||   मायावती का प्रियंका पर पलटवार- कांग्रेस ने की दलितों की अनदेखी, बनानी पड़ी BSP     ||   आर्मी चीफ पर भड़के चिदंबरम, कहा- आप सेना का काम संभालिए, राजनीति हमें करने दें     ||   राजस्थान: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कोटा के अस्पताल का दौरा किया, 48 घंटों में 10 नवजात शिशुओं की हुई थी मौत     ||   दिल्ली: दरियागंज हिंसा के 15 आरोपियों की जमानत याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करेगा तीस हजारी कोर्ट     ||   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में चूक, मोटरसाइकिल काफिले के सामने आया शख्स     ||

CAA के खिलाफ 'गठबंधन मोर्चा' बनाने से पहले कांग्रेस समेत विपक्ष को झटका , तीन बड़े दलों ने साथ आने से मना किया 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
CAA के खिलाफ

नई दिल्ली । देश में नागरिकता संशोधन कानून को लेकर प्रदर्शनों का दौर जारी है । इस मुद्दे पर कई विपक्षी दल केंद्र की मोदी सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने की साजिश करार दे रहे हैं । हालांकि सीएए के विरोध में विपक्षी दलों की सोमवार को होने वाली एक अहम बैठक से पहले इस मुहिम को बड़ा झटका लगा है । मोदी सरकार के खिलाफ अपनी रणनीति के तहत कांग्रेस (Congress) ने CAA को लेकर समान विरोधी विचारधारा वाली पार्टियों को आमंत्रित किया है , लेकिन अब खबर आ रही है कि इस बैठक में पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस , मायावती की बहुजन समाज पार्टी और केजरीवाल की आम आदमी पार्टी और उद्धव ठाकरे की शिवसेना शिरकत नहीं करेंगी । वहीं कांग्रेस सूत्रों की मानें तो उन्हें विश्वास है कि सभी विपक्षी राजनीतिक दल इस बैठक में शामिल होंगे । 

विदित को कि CAA के विरोध को लेकर कांग्रेस ने सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाकर मोदी सरकार के खिलाफ हमला बोलने की रणनीति बनाई थी । लेकिन सोमवार दोपहर 2 बजे संसद के उपभवन में आयोजित इस बैठक में आने से अंतिम समय में तीन अहम दलों ने मना कर दिया है । कांग्रेस ने सीएए के विरोध और छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित बर्बरता के विरोध में एक साझा मंच के लिए सभी दलों को निमंत्रण भेजा था । लेकिन पहले तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने बैठक में शामिल होने से इंकार कर दिया और बहुजन समाज पार्टी की मायावती ने भी इस बैठक में आने से मना कर दिया है । मायावती ने बैठक में शामिल होने से मना करते हुए ट्वीट के जरिए कहा-  कांग्रेस के नेतृत्व में आज विपक्ष की बुलाई गई बैठक में बीएसपी का शामिल होना, यह राजस्थान में पार्टी के लोगों का मनोबल गिराने वाला होगा । इसलिए बीएसपी इनकी इस बैठक में शामिल नहीं होगी । 

इसके साथ ही मायावती ने कहा कि जैसा कि विदित है कि राजस्थान कांग्रेसी सरकार को बीएसपी द्वारा बाहर से समर्थन दिए जाने पर भी इन्होंने दूसरी बार वहां बीएसपी के विधायकों को तोड़कर उन्हें अपनी पार्टी में शामिल करा लिया है जो यह पूर्णतयाः विश्वासघाती है । इसी क्रम में दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की ओर से साफ कर दिया गया है कि वह कांग्रेस द्वारा आहूत आज की विपक्षी बैठक में शामिल नहीं होगी । 


विदित हो कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) ने पहले ही  CAA और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को वापस लेने की मांग की है । सीडब्ल्यूसी के इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करते ही कांग्रेस शासित राज्य इस संकल्प को अपना सकते हैं ।

  

Todays Beets: