Monday, March 30, 2020

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यूपी के दंगाइयों पर योगी सरकार का ''अचूक तीर'' तैयार , राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दी कानून को मंजूरी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
यूपी के दंगाइयों पर योगी सरकार का

लखनऊ । उत्तर प्रदेश के दंगाइयों की फोटो पोस्टरों से हटाने के इलाहबाद हाईकोर्ट के आदेश के बाद योगी सरकार इस मुद्दे को लेकर संजिदा हो गई है । सुप्रीम कोर्ट ने जब दंगाइयों से दंगे के दौरान हुए नुकसान की भरपाई और उनके फोटो चस्पा करने का कानून पूछा तो योगी सरकार ने अध्यादेश के जरिए 'रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट-2020' लेकर आ गई ।  इस अध्यादेश को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी मिल गई है । इस सब के बाद अब यह अध्यादेश कानून का रूप धारण कर चुका है। हालांकि अभी यह मात्र 6 माह के लिए कानून बना है लेकिन अगर सरकार इसे पूर्णकालिक कानून के रूप में देखना चाहती है तो उसे विधानसभा , विधानपरिषद से पास कराना होगा । 

बता दें कि सीएए के विरोध में पिछले दिनों यूपी में कई जगह हिंसा हुई , जिसमें कुछ उपद्रवियों ने जमकर हिंसा करते हुए तोड़फोड़ और आगजनी की । इसके बाद योगी सरकार ने ऐसे दंगाइयों की पहचान करते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनके फोटो पोस्टरों पर लगवाए । इस पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा था कि लखनऊ में कथित सीएए दंगाईयों के पोस्टर किस नियम के तहत लगाए गए? हाई कोर्ट ने लखनऊ के चौराहों से पोस्ट हटाने का आदेश दिया, जिसके खिलाफ योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। हालांकि सुप्रीम कोर्ट से भी योगी सरकार को राहत नहीं मिली । 


सुप्रीम कोर्ट ने भी योगी सरकार से पूछा कि किस नियम के तहत लखनऊ में कथित सीएए दंगाईयों के पोस्टर लगाए गए? हालांकि शीर्ष अदालत ने इस मामले की सुनवाई बड़ी बेंच में लिए भेजने का फैसला किया । इसके बाद योगी सरकार ने कानूनी रूप से अपना पक्ष मजबूत रखने के लिए एक अध्यादेश पारित किया ।  'रिकवरी ऑफ डैमेज टू पब्लिक एंड प्राइवेट प्रॉपर्टी एक्ट-2020' एक्ट को योगी सरकार लाई , जिसे राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई है । 

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद अध्यादेश अधिसूचित कर दिया गया है ।  अब योगी सरकार सेवानिवृत्त जज की अध्यक्षता में क्लेम ट्रिब्यूनल बनाएगी , जिसके फैसले को किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दी जा सकेगी ।  क्लेम ट्रिब्यूनल के वसूली का नोटिस जारी होते ही कथित दंगाईयों की संपत्तियां कुर्क हो जाएंगी । इतना ही नहीं इस ट्रिब्यूनल के पास दीवानी अदालत की तरह अधिकार होंगे। 

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