Saturday, July 11, 2020

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चीन की जनता अपने जवानों की मौत पर जिनपिंग सरकार से गुस्सा , सोशल मीडिया में दबी जुबान में कर रही है पोस्ट

अंग्वाल न्यूज डेस्क
चीन की जनता अपने जवानों की मौत पर जिनपिंग सरकार से गुस्सा , सोशल मीडिया में दबी जुबान में कर रही है पोस्ट

नई दिल्ली । भारत और चीन के बीच गत 15 जून की रात हुई हिंसा को लेकर अब चीन की जनता की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं । चीन सरकार द्वारा अपने सैनिकों के मारे जाने की न तो आधिकारिक पुष्टि की गई है , न ही मारे गए सैनिकों की संख्या को लेकर ही कोई बयान जारी किया है । इससे चीन की जनता अपनी सरकार के खिलाफ गुस्से में तो है , लेकिन सोशल मीडिया पर अपनी जिज्ञासा के बारे में लिखने पर वह बहुत सतर्क है । चीन के लोग बहुत संभलकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं , ताकि उन्हें बाद में किसी परेशानी का सामना न करना पड़े। लोग चीन सरकार के रुख और चीनी मीडिया के इस घटना को लेकर तथ्य छिपाने को लेकर भी सवाल उठा रहे हैं। ऐसा इसलिए भी ज्यादा नजर आ रहा है , क्योंकि भारत सरकार ने अपने सैनिकों के शहीद होने की पुष्टि करने के साथ ही अपनी जनता को इस पूऱे घटनाक्रम में अपने साथ ले लिया है ।

बता दें कि गत 15 जून की रात गलवान घाटी में चीनी सैनिकों ने भारतीय जवानों पर हमला करते हुए एक कर्नल समेत कुछ सैनिकों की हत्या कर दी । इसके बाद भारतीय सैनिकों और चीनी सैनिकों के बाद कुछ घंटे तक हिंसा होती रही । मिली जानकारी के अनुसार , इस हिंसा में जहां भारत के 20 जवान शहीद हुए , वहीं चीन के भी करीब 45 जवान शहीद होने की खबर है । हालांकि चीन ने इस बारे में अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है । न ही उन्होंने भारत समेत अंतरराष्ट्रीय मीडया के दावों को खारिज किया है । 

इस सबके बाद अब चीन के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चीनी लोगों की नाराजगी नजर आ रही है । हालांकि लोग अपने शब्दों का चयन बहुत सावधानी से कर रहे हैं , ताकि बाद में उन्हें किसी भी कार्यवाही का सामना न करना पड़े । 

चीन की जनता ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी चिंता करते हुए अपनी सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं । चीन के माइक्रो ब्लॉगिंग साइट पर चल रही बातों में अधिकांश भारतीय तस्वीरों, न्यूज आर्टिकल्स और गलवान घाटी में टकराव से जुड़े वीडियो शेयर होते दिख रहे हैं । 

Weibo पर एक चीनी यूजर ने 19 जून को पोस्ट किया, "भारत ने अपने बलिदानी सैनिकों के लिए एक मेमोरियल सर्विस का आयोजन किया । यह दिखाता है कि किस तरह पूरा भारत अपने देश और जमीन की रक्षा करने वाले सैनिकों के लिए उच्च सम्मान की भावना रखता है, उनका ध्यान करता है।”


वहीं एक यूजर ने लिखा कि भारत सरकार का इस घटना को लेकर जो रुख रहा है वह भारतीय राष्ट्र की एकजुटता के उच्च स्तर को दर्शाता है, लेकिन हमारे बारे में क्या? हमें भारत से सीखना चाहिए और अपने सैनिकों के लिए सम्मान दिखाना चाहिए । हम अपने शहीद हुए सैनिकों के लिए क्यों खुले तौर पर मेमोरियल सर्विस का आयोजन नहीं करते? क्या? PLA की तरफ शून्य मौतें? क्या घायलों को ट्रांसपोर्ट किया गया? मुझे माफ कीजिए? "

एक चीनी नेटिजन ने लिखा- "भारतीय हताहतों पर खुश होने और उनका मजाक उड़ाने वालों को देखकर मुझे दुख होता है , इन सेनानियों के परिवार अब बहुत नर्वस होंगे ।"

इसी क्रम में एक चीनी नेता ने लिखा, "भारत के साथ संघर्ष के मामले में, सैकड़ों सैनिक शामिल हैं । भले ही हमारे पास कठोर अनुशासन और कठिन प्रशिक्षण है, लेकिन हम सब हाड़-मांस के बने हैं । यह अनुमान लगाया गया है कि हमारे कई सैनिकों को भी चोटें आई हैं।"Weibo थ्रेड में एक नोट में कहा गया, "सैनिकों और उनके परिवारों की अच्छी तरह से देखभाल करने की आवश्यकता है, परिवार बहुत चिंतित होंगे।"

एक शख्स में कहा " अपने सैनिकों के बारे में हम बहुत चिंतित हैं. उनके कुशलक्षेम को लेकर कोई जानकारी नहीं है, परिवार बहुत चिंतित हैं ।"

 

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