Wednesday, April 1, 2020

Breaking News

   भोपाल की बडी झील में पलटी आईपीएस अधिकारियों की नाव, कोई जनहानी नहीं    ||   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||   मायावती का प्रियंका पर पलटवार- कांग्रेस ने की दलितों की अनदेखी, बनानी पड़ी BSP     ||   आर्मी चीफ पर भड़के चिदंबरम, कहा- आप सेना का काम संभालिए, राजनीति हमें करने दें     ||   राजस्थान: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कोटा के अस्पताल का दौरा किया, 48 घंटों में 10 नवजात शिशुओं की हुई थी मौत     ||   दिल्ली: दरियागंज हिंसा के 15 आरोपियों की जमानत याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करेगा तीस हजारी कोर्ट     ||

आखिरकार दुनिया को कोरोना वायरस के बारे में बताने वाले डॉक्टर की मौत पर चीन की सरकार ने मांगी माफी

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आखिरकार दुनिया को कोरोना वायरस के बारे में बताने वाले डॉक्टर की मौत पर चीन की सरकार ने मांगी माफी

नई दिल्ली । दुनिया भर में एक प्रचंड महामारी का रूप धारण कर चुके कोरोना वायरस के बारे जिस डॉक्टर ने चीन के साथ ही पूरी दुनिया को आगाह किया था, उसकी मौत पर आखिरकार चीन की सरकार ने उसके परिजनों से माफी मांगी है । भले ही अब डॉक्टर ली वेनलियांग के परिवार से चीन सरकार ने माफी मांगी हो , लेकिन अब से पहले अस्पताल के अफसरों ने वेनलियांग पर अफवाह फैलाने का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी । उनकी मौत भी इस जानलेवा वायरस के चलते ही हुई थी।

बता दें कि ली की मृत्यु के बाद चीन की सत्ताधारी कॉम्युनिस्ट पार्टी ने उनके परिवार से माफी मांगी है । चीन सरकार की अनुशासन मामलों की समिति ने यह माना कि डॉ, ली वेनलियांग की चेतावनी को समझने में चीन से बड़ी भूल हुई । इस संदर्भ में डॉ. ली को चेतावनी देने वाले दो पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही गई है।


बता दें कि डॉ. ली वुहान शहर के ही एक अस्पताल में डॉक्टर थे । पिछले साल दिसंबर में ली ने पहली बार एक मरीज में कोरोना वायरस के लक्षण देखे थे । ऐसे में उन्होंने सोशल चैट ग्रुप पर डॉक्टरों के एक समूह को इस बारे में जानकारी दी । 30 दिसंबर को भेजे गए इस मैसेज में उन्होंने डॉक्टर्स को कोरोना वायरस से संभलकर रहने की सलाह भी दी थी । बताया कि उन्होंने सार्स (SARS) फैमिली के एक नए कोरोना वायरस की पहचान की है । इस वायरस ने 2002-2003 के दौरान 800 से ज्यादा लोगों की जान ले ली थी । 

हालांकि, कुछ समय बाद वो ग्रुप चैट लीक हो गई और पब्लिक सिक्योरिटी ब्यूरो ने इसे लेकर डॉ. ली पर कार्रवाई शुरू कर दी । उनसे एक पत्र भी साइन कराया गया था जिसमें उन्हें अफवाह फैलाने के लिए जिम्मेदार माना गया । डॉ. ली की चेतावनी को अनदेखा करना आज न सिर्फ चीन बल्कि पूरी दुनिया को भारी पड़ रहा है । अकेले चीन में ही 80 हजार से ज्यादा लोग इस वायरस की चपेट में आ चुके हैं । चीन में अब तक तकरीबन 3200 लोगों की मौत इस वायरस की वजह से हो चुकी है, जबकि 70 हजार से ज्यादा मरीजों की रिकवरी हो चुकी है । 

Todays Beets: