Thursday, July 18, 2019

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LIVE - Economic Survey संसद में पेश , 7 फीसदी रहेगी GDP की रफ्तार , वित्तीय घाटा होगा कम

अंग्वाल न्यूज डेस्क
LIVE - Economic Survey संसद में पेश ,  7 फीसदी रहेगी GDP की रफ्तार , वित्तीय घाटा होगा कम

नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण पेश करेंगी । इससे पहले गुरुवार को सरकार ने संसद में आर्थिक सर्वे पेश किया । इस दौरान मुख्य आर्थिक सलाहकार केवी सुब्रमण्यम ने राज्यसभा में आर्थिक सर्वे पेश किया है । सर्वे के अनुसार, 2019-2020 में देश की जीडीपी 7 फीसदी तक रह सकती है ।  इससे आगामी वित्त वर्ष के लिए नीतिगत फैसलों के संकेत भी मिले हैं । सदन में पेश गिए आंकड़ों के अनुसार , इस वित्तवर्ष में वित्तीय घाटा 5.8 फीसदी तक जा सकता है, जबकि पिछले साल ये आंकड़ा 6.4 फीसदी पर था । आर्थिक सर्वे के अनुसार अगर भारत को 2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनाना है तो लगातार 8 फीसदी की रफ्तार बरकरार रखनी होगी । इसके अलावा इस बार निवेश के जरिए देश की GDP रफ्तार पकड़ सकती है । संसद में कहा गया कि जीडीपी में जो भी कुछ गिरावट नजर आ रही है , उसका असर महंगाई की वजह से ही दिख रहा है।

राज्यसभा में पेश किए गए आर्थिक सर्वे में बताया गया है कि सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में जो सुधार के कार्य किए हैं वह लगातार जारी रहेंगे । सरकार की ओर से कहा गया है कि जनवरी से लेकर मार्च में जो भी जीडीपी में कमी दिखी, उसकी वजह चुनाव था । साथ ही ये भी कहा गया है कि हालांकि, पिछले पांच साल में GDP का औसत आंकड़ा 7.5% रहा है । सर्वे में सरकार की ओर से बताया गया है कि अगले वित्तीय वर्ष में पेट्रोल-डीजल के दाम में कमी देखने को मिल सकती है. साथ ही साथ अब लगातार NPA में कमी आ रही है, जिसका फायदा जीडीपी को मिलेगा ।

सर्वे के अनुसार , इस बार निवेश के जरिए देश की जीडीपी रफ्तार पकड़ सकती है । जनवरी से मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में गिरावट पर आर्थ‍िक सर्वे में कहा गया है कि यह चुनाव संबंधी अनिश्चितता की वजह से था । इसके अलावा पिछले वित्त वर्ष में कम ग्रोथ होने की एक वजह एनबीएफसी संकट भी है। गौरतलब है कि मार्च तिमाही में जीडीपी में बढ़त महज 5.8 फीसदी थी ।


हालांकि, सर्वे कुछ चुनौतियां भी सामने रखता है. जैसे कि वित्तीय घाटे के मोर्च पर 2019-20 में कुछ चुनौतियां हो सकती हैं । जिस तरह का प्रचंड बहुमत सरकार को देश की जनता ने दिया है, उसकी वजह से अर्थव्यवस्था को बढ़ाने की कई चुनौतियां हैं ।

आर्थ‍िक सर्वे में कहा गया है कि बैंकों के गैर निष्पादित परिसंपत्त‍ि (NPA) में कमी आने की वजह से पूंजीगत व्यय चक्र को बढ़ाने में मदद मिलेगी । सर्वे में कहा गया कि स्थ‍िर वृहद आर्थिक दशाओं की वजह से इस साल अर्थव्यवस्था में स्थिरता रहेगी। हालांकि यह भी कहा गया है कि अगर ग्रोथ में कमी आई तो राजस्व संग्रह पर चोट पड़ सकती है ।

 

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