Thursday, July 18, 2019

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सोनिया गांधी के करीबी जर्नादन द्विवेदी ने पार्नेटी तृत्व पर उठाए सवाल , कहा - हार का कारण भीतर, बाहर नहीं

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सोनिया गांधी के करीबी जर्नादन द्विवेदी ने पार्नेटी तृत्व पर उठाए सवाल , कहा - हार का कारण भीतर, बाहर नहीं

नई दिल्ली । लोकसभा चुनावों में कांग्रेस की हार के बाद पार्टी लगातार दरकती नजर आ रही है । कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कर्ण सिंह (Karan Singh) ने इस बीच पार्टी को चिट्ठी लिखकर कुछ सुझाव दिया है, जिसमें उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व में CWC बुलाकर जल्द फैसला लें । साथ ही एक अध्यक्ष और चार संभागों के लिए उपाध्यक्ष बनाया जाए । लेकिन इस सब के बीच यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी के करीबी और कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने पार्टी नेतृत्व को लेकर अपनी आपत्ति जताई है । जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि जिस संगठन में आपने पूरा जीवन लगाया, उसकी स्थिति देख कर पीढ़ा होती है । पार्टी की हार का कारण भीतर है, बाहर नहीं । उन्होंने कहा कि पार्टी में कई ऐसी बातें हुईं, जिससे मैं सहमत नहीं था और ये मैंने पार्टी नेतृत्व को बताया था ।

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बता दें कि राहुल गांधी के कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद लगातार पार्टी में अफरातफरी का माहौल है । पार्टी के कई दिग्गज नेता अब राहुल गांधी के समर्थन में और उनके सम्मान में अपना इस्तीफा दे रहे हैं। पार्टी का नया अध्यक्ष कौन होगा , इस बात को लेकर कई दिग्गज नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं, लेकिन इस पर कांग्रेस वर्किंग कमेटी मुहर लगाती नजर नहीं आ रही है । ऐसे हालात में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नई लाइन के नेताओं के साथ ही आलाकमान को कुछ सलाह देते नजर आ रहे हैं। 

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इस सब के बीच यूपीए सरकार के कार्यकाल में काफी प्रभावशाली नेताओं में शुमार और पार्टी महासचिव जर्नादन द्विवेदी ने पार्टी आलाकमान को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले आर्थिक आरक्षण ऐसा मसला था, मैने पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी से कहा था कि मैं आपकी राय से सहमत नहीं हूं । उन्होंने कहा कि पार्टी का हार का कारण पार्टी के भीतर है , पार्टी के बाहर नहीं । 

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विदित हो कि जनार्दन द्विवेदी सबसे लंबे समय तक कांग्रेस महासचिव रहे हैं । 2018 में उन्होंने स्वेच्छा से रिटायरमेंट लिया था ।  जनार्दन द्विवेदी ने पांच कांग्रेस अध्यक्षों इंदिरा, राजीव, नरसिम्हा राव और सोनिया गांधी के साथ काम किया है । 

इससे पहले वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कर्ण सिंह ने कहा कि राहुल के इस्तीफा देने के 6 हफ्तों के बाद भी कांग्रेस अनिर्णय की स्थिति में है । राहुल ने जो बात की है, वे समझदार हैं, लेकिन पार्टी एक महीने उनके पीछे पड़ी रही कि पुनर्विचार करो। हम समय नष्ट कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी ने मेरी राय नहीं मांगी, मैंने स्वंय अपनी राय दी है । पार्टी कोई निर्णय नहीं ले पा रही है तो मैंने यह सुझाया है । 

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