Sunday, July 5, 2020

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सावरकर पर बोलकर मनमोहन सिंह ने किया 'सेल्फ गोल' , बैंकिंग - NRC पर बयान दे कांग्रेस की मुसीबत बढ़ाई

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सावरकर पर बोलकर मनमोहन सिंह ने किया

मुंबई । महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों के मद्देनजर पिछले दिनों भाजपा ने अपने संकल्प पत्र जारी किया , जिसमें भाजपा ने  वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने केा वायदा किया । भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में यह वादा किया तो राजनीति गर्मा गई । कांग्रेस इस विरोध में पूरी तरह उतर आई । हालांकि इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी राय रखते हुए कहा कि कांग्रेस की सरकार भी पहले सावरकर के नाम से पोस्टल स्टाम्प जारी कर चुकी है । उनका यह बयान कांग्रेस के लिए सेल्फ गोल की तरह नजर आया । इतना ही नहीं NRC का समर्थन करते हुए मनमोहन सिंह ने इसकी खामियां उजागर की। वहीं देश के बैंकिंग सिस्टम पर अपनी यूपीए सरकार की गलती स्वीकारते हुए उन्होंने मोदी सरकार से जवाब मांगे । 

कार्यक्रम में पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने वीर सावरकर के लिए पोस्टल स्टाम्प (डाक टिकट) जारी किया था ।  वीर सावरकर को भारत रत्न की मांग पर अपनी राय रखते हुए उन्होंने कहा कि भले ही उस दौरान उनका डाक टिकट जारी किया गया हो ,लेकिन हम हिंदुत्व की उस विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं, जिसके पक्षधर वीर सावरकर थे ।

हालांकि मनमोहन सिंह का यह बयान चौंकाने वाला साबित हुआ । गत 15 अक्टूबर को मुंबई में महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपना संकल्प पत्र जारी किया तो उसमें वीर सावरकर को भारत रत्न दिलाने की मांग शामिल की गई थी, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था । उस दौरान कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि महात्मा गांधी की हत्या के लिए वीर सावरकर को आपराधिक मुकदमे का सामना करना पड़ा था । 

जहां सावरकर को भारत रत्न सम्मान की मांग पर कांग्रेस प्रवक्ता देश को भगवान बचाए... जैसे बयान दे रहे हैं , वहीं मनमोहन सिंह ने खुद कह दिया कि इंदिरा गांधी सरकार ने  सावरकर के लिए पोस्टल स्टाम्प जारी किया था । 


इसी क्रम में मनमोहन सिंह ने राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर ( NRC) पर भी अपनी राय रखी । उन्होंने कहा कि मैं एनआरसी के खिलाफ नहीं हूं, लेकिन एनआरसी पर हमारा कानून मुस्लिमों के साथ भेदभाव करता है । मनमोहन सिंह ने कहा कि एनआरसी के संदर्भ में मानवता का पक्ष नहीं भूलना चाहिए । 

इसके साथ ही पूर्व पीएम ने देश की बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बयान दिया । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बैंकिंग सिस्टम को लेकर लगाए गए आरोप पर मनमोहन सिंह ने कहा कि कांग्रेस के राज में जो हुआ वह हुआ, कुछ कमजोरियां थी, लेकिन इस सरकार को हमारी कमजोरियों से सीखकर अर्थव्यवस्था की समस्याओं से निपटना चाहिए । 

वहीं कांग्रेस छोड़कर शिवसेना में गई पार्टी प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने इस बयानबाजी के बीच एक ट्वीट किया । इसमें उन्होंने एक लेटर को अटैच किया , जो  20 मई, 1980 की तारीख का है और उसमें पूर्व पीएम इंदिरा गांधी के हस्ताक्षर हैं । लेटर में वीर सावरकर की जमकर तारीफ की गई है । अब कांग्रेस द्वारा सावरकर को लेकर की गई बयानबाजी उन्हीं पर भारी पड़ रही है ।

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