Sunday, September 27, 2020

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अब भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में होंगे सभी को-ऑपरेटिव बैंक, मोदी कैबिनेट से मिली अध्यादेश को मंजूरी 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
अब भारतीय रिजर्व बैंक की निगरानी में होंगे सभी को-ऑपरेटिव बैंक, मोदी कैबिनेट से मिली अध्यादेश को मंजूरी 

नई दिल्ली । अब सरकारी बैंक (अर्बन को-ऑपरेटिव बैंक हो या मल्टी स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक) रिजर्व बैंक के सुपर विजन पॉवर में आ जाएंगे । असल में  पीएम मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट बैठक हुई , जिसमें  केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आज अंतरिक्ष विज्ञान और बैकों को लेकर में बड़े सुधार के अध्यादेश को मंजूरी दी गई है । उन्होंने कहा कि 1482 शहरी सहकारी बैंकों और 58 बहु-राज्य सहकारी बैंकों सहित सरकारी बैंकों को अब भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की सुपर विजन के तहत लाया जा रहा है ।  RBI की शक्तियां जैसे अनुसूचित बैंकों पर लागू होती हैं, वैसे ही सहकारी बैंकों पर भी लागू होंगी ।  

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि आरबीआई के सुपरविजन में 1,540 सहकारी बैंकों को लाने का फैसले से इनके खाताधारकों को फायदा मिलेगा । इन बैंकों में 8.6 करोड़ से अधिक जमाकर्ताओं को आश्वासन देगा कि इन बैंकों में जमा 4.84 लाख करोड़ रुपये सुरक्षित रहेंगे । 


उन्होंने कहा - केंद्रीय कैबिनेट ने अन्य पिछड़ा वर्ग के भीतर उप-वर्गीकरण के मुद्दे की जांच के लिए गठित आयोग का कार्यकाल और छह महीने यानी 31 जनवरी 2021 तक बढ़ाने की मंजूरी दी है ।

वहीं उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बहुत बड़ा सुधार किया है । आज तक हमने अंतरिक्ष में अच्छा विकास किया है अब ये एक तरह से सभी के उपयोग के लिए खोले जा रहे हैं । कुशीनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा घोषित किया जा रहा है । 

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