Wednesday, August 5, 2020

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तीन दशक बाद बदलेगी देश की शिक्षा नीति , सिंगल रेगुलेटर-बोर्ड परीक्षाओं में बदलाव के संकेत 

अंग्वाल न्यूज डेस्क
तीन दशक बाद बदलेगी देश की शिक्षा नीति , सिंगल रेगुलेटर-बोर्ड परीक्षाओं में बदलाव के संकेत 

नई दिल्ली । केंद्र की मोदी सरकार देश में नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए अब काफी आगे बढ़ गई है । खबर है कि बुधवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में मोदी सरकार नई शिक्षा नीति को मंजूरी दे सकती है । इस फैसले के बाद देश में उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए एक ही रेगुलेटरी बॉडी होगी ताकि शिक्षा क्षेत्र में अव्यवस्था को खत्म किया जा सके । खबर है कि इस मामले को लेकर आज शाम 4 बजे बड़ा ऐलान किया जाएगा । 

बता दें कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के मुताबिक, राष्ट्रीय शिक्षा नीति का निर्माण 1986 में किया गया था और 1992 में इसमें कुछ बदलाव किए गए थे । इसके बाद तीन दशक गुजर गए हैं, लेकिन इसमें कुछ बड़ा बदलाव नहीं किया गया है । केंद्र की मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान ही नई शिक्षा नीति को लेकर ड्राफ्ट तैयार किया था । असल में सरकार का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में बड़े स्तर पर बदलाव की जरूरत है ताकि भारत दुनिया में ज्ञान का सुपरपावर बन सके । इसके साथ ही देश की शिक्षा की गुणवत्ता में अब बहुत सुधार की जरूरत महसूस होने लगी थी । 

सरकार का ऐसा मानना है कि प्राथमिक स्तर पर दी जाने वाली शिक्षा की क्वालिटी सुधारने के लिए एक नए राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का फ्रेमवर्क तैयार किया जाए। इस फ्रेमवर्क में अलग-अलग भाषाओं के ज्ञान, 21वीं सदी के कौशल, कोर्स में खेल, कला और वातारण से जुड़े मुद्दे भी शामिल किए जाएंगे । 


शिक्षा में खेल को जहां तक शामिल करने की बात है तो खेल मंत्री किरण रिजिजू ने अभी हाल में कहा था कि देश की नई शिक्षा नीति में खेल पाठ्यक्रम का हिस्सा होंगे । 

इसी क्रम में मानव संसाधन विकास मंत्रालयन ने रेगुलेटर बनाने का प्लान पहले ही तैयार कर लिया है । इस रेगुलेटर का नाम होगा- नेशनल हायर एजुकेशन रेगुलेटरी अथॉरिटी (एनएचईआरए) या हायर एजुकेशन कमिशन ऑफ इंडिया । 

खेल मंत्री रिजिजू ने पिछले दिनों कहा था कि ‘भारत की नई शिक्षा नीति को अभी आधिकारिक रूप से घोषित नहीं किया गया है, लेकिन यह अंतिम चरण पर है । बातचीत के दौरान मेरा मंत्रालय पहले ही पुरजोर तरीके से अपना पक्ष रख चुका है । उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड के गठन के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है । 

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