Tuesday, January 21, 2020

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Nirbhaya case : निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट जारी , 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दिए जाने का आदेश

अंग्वाल न्यूज डेस्क
Nirbhaya case : निर्भया के दोषियों के डेथ वारंट जारी , 22 जनवरी को सुबह 7 बजे फांसी दिए जाने का आदेश

नई दिल्ली । दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने मंगलवार को वर्ष 2012 के बहुचर्चित निर्भया मामले में चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को फांसी देने को लेकर दायर डेथ वारंट जारी कर दिया है । कोर्ट ने चारों दोषियों को 22 जनवरी के दिन सुबह 7 बजे फांसी देने का ऐलान किया । हालांकि अभी भी इसी तारीख को इन चारों को फांसी की सजा सुनाई जाएगी , यह पक्का नहीं है । अभी चारों के पास क्यूरेटिव पिटिशन दायर करने का अधिकार है । वहीं राष्ट्रपति के पास दया याचिका भेजने का भी अधिकार है । ऐसे में आने वाले समय में यह साफ होगा कि आखिर किस तारीख को इन चारों दोषियों को फांसी की सजा दी जाएगी । 

बता दें कि मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया की मां की याचिका पर सुनवाई हुई , जिसमें उन्होंने दोषियों को जल्द फांसी देने की गुहार लगाई थी। मंगलवार को कोर्ट ने चारों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात की । इस दौरान मीडिया को भी अंदर नहीं जाने दिया गया । सुनवाई के दौरान निर्भया की मां और दोषी मुकेश की मां कोर्ट में ही रो पड़ीं । गौरतलब है कि निर्भया मामले में चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को पहले ही फांसी की सजा दी जा चुकी है । हालांकि निर्भया के दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट में क्यूरेटिव पिटिशन दाखिल करेंगे । 

इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आखिरकार देर से ही सही लेकिन सत्य की जीत हुई । पीड़ित परिवार को न्याय मिला है । 

वहीं मंगलवार को हुई सुनवाई में तिहाड़ जेल प्रशासन ने अपनी एक रिपोर्ट भी दाखिल की , जिसमें कोर्ट से मिले निर्देश पर जेल प्रशासन ने दोषियों को सात दिन का वक्त दिया था, ताकि वे मौत की सजा के खिलाफ दया याचिका दाखिल कर सकें। जेल प्रशासन ने नोटिस दिल्ली जेल नियमावली 2018 के नियम 837 के तहत जारी किया था। प्रशासन ने कहा था यदि आपने दया याचिका दाखिल नहीं की है तो सात दिन के भीतर राष्ट्रपति के समक्ष दायर कर सकते हैं। जेल प्रशासन के अनुसार, चारों दोषियों की ओर से जेल प्रशासन को जवाब मिल चुका है। मुकेश की ओर से सबसे अंत में जवाब मिला।

देश की राजधानी दिल्ली में साल 2012 में हुए निर्भया रेप कांड को लेकर मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में सुनवाई हुई ।  अब से कुछ देर में कोर्ट दोषियों के डेथ वारंट पर फैसला सुनाएगी ।  पटियाला हाउस कोर्ट के जज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चारों दोषियों से बात करेंगे ।  सुनवाई के दौरान निर्भया की मां और दोषी मुकेश की मां कोर्ट में ही रो पड़ीं । निर्भया मामले में चारों दोषियों अक्षय, मुकेश, विनय और पवन को पहले ही फांसी की सजा दी जा चुकी है, अब सिर्फ डेथ वारंट जारी होने पर फैसला है । 

- दोपहर 3.30 पर जज सभी दोषियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करेंगे । उसी वक्त उनके सामने ही डेथ वारंट पर फैसला सुनाया जाएगा ।

-एमएल शर्मा ने कहा कि दोषियों को बता दिया गया है कि उनके पास सिर्फ दया याचिका का ऑप्शन है । इसलिए हमने वृंदा ग्रोवर के वकालतनामा पर साइन किए । वहीं एपी सिंह ने कहा कि विनय के लिए उनकी क्यूरेटिव पेटिशन तैयार है ।

- मामले की सुनवाई के दौरान निर्भया और मुकेश की मां रो पड़ीं । दोषी मुकेश की मां ने कहा कि वह भी एक मां हैं, मेरी चिंताओं का भी ध्यान रखना चाहिए । जज ने दोनों से चुप रहने की अपील की ।


- सुनवाई के दौरान वकीलों में तीखी बहस हो गई है । वकील एक दूसरे पर मामले को लटकाने का आरोप लगा रहे हैं । इस दौरान जज को बचाव करना पड़ा । जज ने कहा कि कोर्ट की व्यवस्था का ख्याल रखें, इस तरह माहौल का ना बिगाड़ें । क्या अब इस देरी को लेकर भी जांच की जाए?

- वकील राजीव मोहन की ओर से कहा गया कि ट्रायल कोर्ट की ओर से उन्हें दोषी करार दिया जा चुका है. आज की तारीख में कोई भी दया याचिका पेंडिंग नहीं है. इस दौरान एपी सिंह ने कहा कि उनके वकील पूरी रिपोर्ट कर रहे हैं, हमें भी इसकी कॉपी देनी चाहिए ।

- राजीव मोहन ने कहा कि सिर्फ डेथ वॉरंट जारी होने से मामला खत्म नहीं होगा । वॉरंट से लेकर फांसी तक कोई भी दया याचिका दायर कर सकता है । कानून के हिसाब से दोषी को 14 दिन का समय मिलना चाहिए ।

-पटियाला हाउस कोर्ट में निर्भया केस को लेकर सुनवाई शुरू हो गई है । वकील एमएल शर्मा की ओर से कहा गया कि वह मुकेश सिंह की ओर से पेश हो रहे हैं । जज के पूछने पर एमएल शर्मा ने कहा कि वह पहली बार इस केस को लेकर पेश हो रहे हैं । 

- कोर्ट में वृंदा ग्रोवर की तरफ से स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की गई है । वृंदा ग्रोवर ने कहा कि मैंने जेल में मुकेश, विनय से मुलाकात की ।

- एमएल शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद काफी बातें घटी हैं, उनके क्लाइंट का जेल में से इंटरव्यू भी किया गया । जज की ओर से कहा गया कि अगर जेल में टॉर्चर हुआ है तो आप कोर्ट में क्यों नहीं आए । अदालत में बताया गया कि अभी तक किसी दोषी ने दया याचिका दायर नहीं की है । ऐसे में डेथ वारंट जारी करना चाहिए ।

-इस मामले में तिहाड़ जेल के अतिरिक्त महानिरीक्षक राजकुमार ने बताया कि मुकेश का जवाब निर्धारित तिथि के बाद मिला । सभी दोषियों ने राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका से पहले क्यूरेटिव याचिका के विकल्प की बात कही है। कहा-  क्यूरेटिव याचिका दायर करने के बाद जो फैसला आएगा, उसके आधार पर वे आगे का रुख तय करेंगे । 

निर्भया मामले में गवाह पर केस दर्ज करने की मांग वाली अर्जी को पटियाला हाउस अदालत ने खारिज कर दिया। अदालत ने कहा इस अर्जी में ऐसा कुछ नहीं है, जिस पर केस दर्ज करने का आदेश दिया जा सके। अदालत में दोषी पवन गुप्ता के पिता हीरा लाल ने अर्जी दायर कर मांग की थी कि इस मामले में गवाह पर केस दर्ज किया जाए, क्योंकि उसने गलत बयानबाजी की है। अर्जी पर सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि एक गवाह की विश्वसनीयता का अंदाजा इस बात से नहीं लगाया जा सकता कि वह अदालत के बाहर क्या कहता है।  

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