Tuesday, June 25, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

आॅनलाइन शाॅपिंग करने वालों को अगले महीने से लगेगा झटका, देना होगा ज्याद टैक्स

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आॅनलाइन शाॅपिंग करने वालों को अगले महीने से लगेगा झटका, देना होगा ज्याद टैक्स

नई दिल्ली। बाजार जाने के झंझट से बचने के लिए आॅनलाइन शाॅपिंग का आनंद उठाने वाले सावधान हो जाएं। अगले महीने से इसके लिए आपको ज्यादा टैक्स चुकाना पड़ेगा। सरकार ने 1 अक्टूबर 2018 से सभी ई-काॅमर्स कंपनियों के लिए टैक्स कलेक्टेड एट सोर्स (टीसीएस) और टैक्स डिटेक्टेड एट सोर्स (टीडीएस) पर 1 फीसदी कर लगाने का फैसला लिया है। यहां बता दें कि केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) अधिनियम के अनुसार अधिसूचित कंपनियों को 2.5 लाख रुपये से अधिक की वस्तुओं या सेवाओं की आपूर्ति के भुगतान पर 1 फीसदी टीडीएस काटना जरूरी होगा। साथ ही, राज्य कानूनों के तहत राज्य 1 फीसदी टीडीएस वसूलेंगे।  

गौरतलब है कि पूरे देश में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई 2017 को लागू किया था। चूंकि कारोबारी उस समय पूरी तरह से तैयार नहीं थे इसलिए इसे 30 अक्टूबर 2018 तक के लिए टाल दिया गया था।  अब 18 सितंबर से इसके लिए पंजीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। सरकार के इस कदम के बाद कारोबारियों को जल्दी ही अपने सिस्टम में बदलाव करना पड़ेगा। नई व्यवस्था से ई-काॅमर्स कंपनियों की सही कमाई का पता लग सकेगा, साथ ही प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर की चोरी पर भी लगाम लगेगी। 


ये भी पढ़ें- जेल से रिहा होती की भाजपा के खिलाफ दहाड़ा ‘रावण’, 2019 में उखाड़ फेंकने की अपील

यहां बता दें कि इस वित्त वर्ष में रिकाॅर्ड जीएसटी का कलेक्शन किया गया है। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स कलेक्शन में बढ़ोतरी के मकसद से ही सरकार ने यह कदम उठाया है। 

Todays Beets: