Thursday, January 23, 2020

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आलोक सिंह नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर तो सुजीत पांडे को लखनऊ की जिम्मेदारी , योगी कैबिनेट ने लगाई मुहर

अंग्वाल न्यूज डेस्क
आलोक सिंह नोएडा के पहले पुलिस कमिश्नर तो सुजीत पांडे को लखनऊ की जिम्मेदारी , योगी कैबिनेट ने लगाई मुहर

लखनऊ । ग्रेटर नोएडा के गौरव चंदेल हत्याकांड के बाद उत्तर प्रदेश सरकार सजग हो गई है । इसी के साथ सोमवार को राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और नोएडा में कमिश्नरी सिस्टम लागू करने के फैसले पर अपनी मुहर लगा दी । इस फैसले के बाद लखनऊ समेत नोएडा के पहले पहले ऐसे दो जिले हो गए हैं , जहां अब पुलिस कमिश्नर तैनात होंगे । इसके साथ ही लखनऊ और नोएडा में पुलिस कमिश्नरों के नाम भी सामने आ गए हैं । जहां आलोक सिंह को नोएडा का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया है,  वहीं सुजीत पांडे को लखनऊ का पुलिस कमिश्नर बनाया गया है । ये अफसर ADG स्तर के पुलिस अफसर हैं । इससे पहले जिले की सुरक्षा व्यवस्था का जिम्मा DM और SSP के पास होता था । 

बता दें कि लखनऊ में हुई कैबिनेट बैठक में इस फैसले को मंजूरी दे दी गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि पिछले 50 सालों से बेहतर और स्मार्ट पुलिसिंग के लिए पुलिस आयुक्त प्रणाली की मांग की जा रही थी । हमारी कैबिनेट ने ये प्रस्ताव पास कर दिया है । अब एडीजे स्तर के अधिकारी पुलिस आयुक्त होंगे, जबकि 9 एसपी रैंक के अधिकारी तैनात होंगे । उन्होंने कहा कि एक महिला एसपी रैंक की अधिकारी महिला सुरक्षा के लिए इस सिस्टम में तैनात होगी । 

विदित हो कि पुलिस कमिश्नरी प्रणाली में उप पुलिस अधीक्षक (डिप्टी एसपी) से ऊपर जितने अफसर उनके पास मजिस्ट्रेट स्तर की शक्ति होगी । मगर थानाध्यक्ष और सिपाही को वही अधिकार रहेंगे, जो उन्हें फिलहाल मिले हुए हैं । कहीं विवाद या बड़े बवाल जैसी घटना होती है तो जिलाधिकारी के पास ही भीड़ नियंत्रण और बल प्रयोग करने का अधिकार होता है, मगर कमिश्नरी लागू होने पर इसका अधिकार पुलिस के पास होगा। इसके साथ ही शांति व्यवस्था के लिए धारा-144 लागू करने का अधिकार भी कमिश्नर को मिल जाएगा।

सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि लंबे समय से इस तरह की मांग उठ रही थी कि यूपी के शहरों में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू हो । काफी पहले से अलग-अलग संस्थाएं इसके लिए सुझाव दे रही थीं । कई बार न्यायपालिका हमें इस बात के लिए कटघरे में खड़ी भी करती थी । वर्षों से मांग थी कि यहां पुलिस आयुक्त की प्रणाली लागू हो. मुख्यमंत्री ने कहा, पहले यह लागू नहीं हो पाया। मुझे अब प्रसन्नता है कि लखनऊ और नोएडा पुलिस आयुक्त प्रणाली के लिए हमारी कैबिनेट ने स्वीकृति दी है। इस प्रणाली के तहत एसपी, एडिशनल एसपी रैंक का अधिकारी यातायात के लिए विशेष रूप से तैनात होगा । निर्भया फंड का इस्तेमाल भी इस सिस्टम में महिला सुरक्षा के लिए होगा ।


मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों ने इस व्यवस्था को लागू करने की इच्छाशक्ति नहीं दिखाई । उन्होंने कहा कि स्मार्ट शहर और महिला सुरक्षा की दृष्टि से यह कदम काफी उपयोगी साबित होगा ।  उन्होंने कहा कि यूपी जैसे राज्य के लिए पुलिस कमिश्नरी व्यवस्था की जरूरत है। 

गौरतलब है कि कमिश्नरी सिस्टम लागू होने के बाद डीएम के अधिकार पुलिस कमिश्नर के पास चले जाएंगे । डीएम को कानून और व्यवस्था के मामले में सीआरपीसी में 107 से 122 शांति भंग और हैबिट्यूल ऑफेंडर आदि तक के अधिकार हैं। वहीं, 133 सीआरपीसी पब्लिक न्यूसेन्स में कार्रवाई के अधिकार हैं । साथ ही 144 सीआरपीसी लागू करने का भी आधिकार है ।

इसी क्रम में 145 सीआरपीसी कुर्की आदि कि कार्रवाई, शस्त्र लाइसेंस जारी करने का अधिकार भी जिलाधिकारी के पास है ।  वहीं इसके साथ आर्म्स एक्ट में कार्रवाई, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनएसए लगाने का अधिकार भी डीएम के पास है। अभी तक की व्यवस्था में ज्यादातर मामलों में पुलिस से रिपोर्ट ली जाती है, पर फाइनल अथॉरिटी जिलाधिकारी के पास ही होती है। लेकिन, पुलिस कमिश्नर प्रणाली लागू होने के बाद यह सारे अधिकार जिले के पुलिस कमिश्नर के पास आ जाएंगे । 

 

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