Saturday, August 8, 2020

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महामारी के दौर में भी श्रमिकों से कमा रही मोदी सरकार! श्रमिक ट्रेनों की कमाई पर राहुल गांधी ने कसा तंज

अंग्वाल न्यूज डेस्क
महामारी के दौर में भी श्रमिकों से कमा रही मोदी सरकार! श्रमिक ट्रेनों की कमाई पर राहुल गांधी ने कसा तंज

नई दिल्ली । कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भले ही पार्टी के भीतर जारी घमासान पर कुछ न  बोल रहे हों , लेकिन उनका भाजपा और मोदी सरकार पर हमले बदस्तूर जारी हैं । एक बार फिर से उन्होंने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार आपदा के समय में भी गरीबों से मुनाफा वसूलने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है । देश में बीमारी के 'बादल' छाए हैं बावजूद इसके इंडियन रेलवे मुनाफा कमाने में जुटी है । इस दौरान राहुल गांधी ने एक रिपोर्ट को ट्वीट करते हुए उसपर अपनी टिप्पणी की है । 

बता दें कि राहुल गांधी एक रिपोर्ट पर ट्वीट किया है , जिसका शीर्षक है - श्रमिक ट्रेनों से भी रेलवे ने की जमकर कमाई, रेलवे को हुई 428 करोड़ रुपये की कमाई । इस पर ट्वीट करते हुए राहुल गांधी ने लिखा - "बीमारी के ‘बादल’ छाए हैं, लोग मुसीबत में हैं, बेनिफिट ले सकते हैं-आपदा को मुनाफे में बदल कर कमा रही है गरीब विरोधी सरकार।"

बता दें कि कोरोना संक्रमण की वजह से जब 25 मार्च को देश में अचानक राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाया गया था तो बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के लाखों मजदूर दिल्ली, मुंबई, पुणे, सूरत, अहमदाबाद जैसे शहरों में फंस गए थे । इन मजदूरों को इनके घर तक पहुंचाने के लिए सरकार ने बाद में श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की थी । इन ट्रेनों से लाखों लोग अपने घरों को लौटे ।


विदित हो कि इन श्रमिक ट्रेनों के किराये को लेकर भी जमकर हंगामा हुआ था । कई राज्य सरकारों ने तो बाकायदा कहा कि ये ट्रेनें केंद्र की तरफ से नहीं बल्कि राज्य सरकार द्वारा रकम दिए जाने से चलवाई जा रही हैं । वहीं यात्री भी अपने टिकट दिखाते नजर आए , जिसमें उन्होंने आरोप लगाए कि उनसे ज्यादा किराया वसूला जा रहा है । इसमें मध्य प्रदेश, बिहार, राजस्थान, छत्तीसगढ़, छत्तीसगढ़ जैसे राज्य शामिल थे. हालांकि गुजरात, मुंबई, दिल्ली से लौट रहे मजदूरों ने शिकायत की जब वे ट्रेन से लौट रहे थे, तो उनसे किराया लिया गया ।

केंद्र ने इस सफाई देते हुए कहा था कि यात्रा का 85 फीसदी खर्च केंद्र सरकार उठा रही है, जबकि 15 फीसदी राज्य सरकारों को देना है ।

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