Tuesday, January 21, 2020

Breaking News

   सुरक्षा परिषद के मंच का दुरुपयोग करके कश्मीर मसले को उछालने की कोशिश कर रहा PAK: भारतीय विदेश मंत्रालय     ||   IIM कोझिकोड में बोले पीएम मोदी- भारतीय चिंतन में दुनिया की बड़ी समस्याओं को हल करने का है सामर्थ    ||   बिहार में रेलवे ट्रैक पर आई बैलगाड़ी को ट्रेन ने मारी टक्कर, 5 लोगों की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल     ||   CAA और 370 पर बोले मालदीव के विदेश मंत्री- भारत जीवंत लोकतंत्र, दूसरे देशों को नहीं करना चाहिए दखल     ||   जेएनयू के वाइस चांसलर जगदीश कुमार ने कहा- हिंसा को लेकर यूनिवर्सिटी को बंद करने की कोई योजना नहीं     ||   मायावती का प्रियंका पर पलटवार- कांग्रेस ने की दलितों की अनदेखी, बनानी पड़ी BSP     ||   आर्मी चीफ पर भड़के चिदंबरम, कहा- आप सेना का काम संभालिए, राजनीति हमें करने दें     ||   राजस्थान: BJP प्रतिनिधिमंडल ने कोटा के अस्पताल का दौरा किया, 48 घंटों में 10 नवजात शिशुओं की हुई थी मौत     ||   दिल्ली: दरियागंज हिंसा के 15 आरोपियों की जमानत याचिका पर 7 जनवरी को सुनवाई करेगा तीस हजारी कोर्ट     ||   रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की सुरक्षा में चूक, मोटरसाइकिल काफिले के सामने आया शख्स     ||

ईरान - जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में जुटे10 लाख लोग , एकाएक मची भगदड़ में 45 मरे, 100 से ज्यादा घायल

अंग्वाल न्यूज डेस्क
ईरान - जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में जुटे10 लाख लोग , एकाएक मची भगदड़ में 45 मरे, 100 से ज्यादा घायल

तेहरान । अमेरिका के हवाई हमले में मारे गए ईरान के जनरल कासिम सुलेमानी के जनाजे में मंगलवार को करीब 10 लाख से ज्यादा लोग जुटे । हालांकि इस दौरान उस समय भगदड़ मच गई जब सुलेमानी को उनके गृहराज्य केरमान में सुपुर्दे खाक किया जा रहा था । इस भगदड़ में 45 लोगों के मारे जाने की खबर है , जबकि 100 से ज्यादा लोगों के घायल होने की सूचना आ रही है । ईरान की स्थानीय मीडिया इमरजेंसी मेडिकल सर्विसेज के प्रमुख पीरहुसैन कुलीवंद के हवाले से बताया कि भगदड़ में कई लोग मारे गए हैं। इराक के बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे गए लोकप्रिय सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी को आज ही सुपर्द-ए-खाक किया जाना है। कुछ दिन पहले इराक में अमेरिकी ड्रोन हमले में सुलेमानी मारे गए थे। इसके बाद से ईरान और अमेरिका में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

बता दें कि रेवोल्यूशनरी गार्ड की विदेशी शाखा के कमांडर के गृह नगर में बहुत बड़ी संख्या में लोग उन्हें अंतिम विदाई देने आए थे। कुछ इतनी ही संख्या में तेहरान, कोम, मशहद और अहवाज में भी लोग सड़कों पर मौजूद थे। बड़ी संख्या में लोग आजादी चौक पर जमा हुए हैं जहां राष्ट्रीय झंडे में लिपटे दो ताबूत रखे गए ते । इनमें से एक ताबूत सुलेमानी का और दूसरा ताबूत उनके करीबी सहयोगी ब्रिगेडियर जनरल हुसैन पुरजाफरी का है। 


जनरल कासिम सुलेमानी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनके जनाजे में युवाओं की संख्या सबसे ज्यादा रही। इनमें स्कूल-कॉलेज की छात्राएं भी शामिल रहीं। ज्यादातर लोग ‘डेथ टू ट्रम्प’ (ट्रम्प को मौत) के नारे लगा रहे थे। इस दौरान एकाएक वहां भगदड़ मच गई , जिसमें 45 लोगों के मारे जाने तो 100 लोगों के घायल होने की खबर विदेशी मीडिया में आ रही है । 

वहीं सुलेमानी की जगह आए नए जनरल हिम्मत देहगान का कहना है, 'हज कासिम (सुलेमानी) से लोग ना सिर्फ करमान या ईरान में मोहब्बत करते थे, बल्कि पूरी दुनिया में लोग उनसे मोहब्बत करते थे।' 56 वर्षीय पूर्व सैनिक ने कहा, 'पूरी दुनिया, मुसलमानों, शियाओं, इराक, ईरान, सीरिया, अफगानिस्तान और खास तौर से ईरान, सभी अपनी सुरक्षा के लिए उनके अहसानमंद हैं।'

Todays Beets: