Tuesday, June 25, 2019

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सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी कांड में घिरे ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को दी बड़ी राहत , मिलेगा 50 लाख मुआवजा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी कांड में घिरे ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को दी बड़ी राहत , मिलेगा 50 लाख मुआवजा

नई दिल्ली । सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी कांड में निर्दोष साबित हुए भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नंबी नारायण को बड़ी राहत देते हुए उन्हें 50 लाख रुपये बतौर मुआवजा देने का आदेश जारी किया है। इतना ही नहीं  नारायण को जासूसी कांड में फंसाने वाले प्रकरण में केरल के पुलिस अफसरों की भूमिका को लेकर अब एक न्यायिक कमेटी का गठन किया गया है, जो इस मामले की एक बार फिर से जांच करेगी। इस दौरान खास बात ये है कि इस कमेटी के लिए केंद्र और राज्य सदस्य नियुक्त करेंगे। वहीं कमेटी की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस डीके जैनस करेंगे। 

पूर्व डीजीपी पर लगाए थे आरोप

बता दें कि जासूसी कांड में आरोपों का सामना करने के बाद नंबी नारायण को गिरफ्तार कर लिया गया था। इस मामले की सुनवाई होने पर 1998 में सुप्रीम कोर्ट ने जासूसी मामले में नंबी नारायण को आरोप मुक्त घोषित किया था। बाद में नंबी नारायण ने कोर्ट में एक अर्जी लगाते हुए केरल के पूर्व डीजीपी सिबी मैथ्यू और अन्य के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 

हाईकोर्ट के फैसले को दी थी चुनौती


असल में जासूसी कांड की जांच सिबी मैथ्यू ने ही की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था । हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने मैथ्यू को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया था। इससे पूर्व नारायण ने हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। नारायण की मैथ्यू व अन्य के खिलाफ कार्रवाई संबंधी याचिका पर  हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि डीजीपी सिबी मैथ्यू और दो रिटायर्ड पुलिस अफसरों के खिलाफ कार्रवाई की कोई जरुरत नहीं है। इन अफसरों को सीबीआई ने नंबी नारायण की गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार बताया था । 

मानवाधिकार आयोग का खटखटाया दरवाजा

सुप्रीम कोर्ट ने 1998 में नायारण को सभी आरोपों से मुक्त करने से साथ ही राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वह नंबी नारायण को 1 लाख रुपये का मुआवजा दे। लेकिन नंबी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटाया और मुआवजे की मांग की। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मार्च 2001 में नंबी नारायण को 10 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया। इसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है।

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