Sunday, July 25, 2021

Breaking News

   बिहार: पटना में अवैध टेलीफोन एक्सचेंज का भंडाफोड़, 2 गिरफ्तार     ||   जम्मू-कश्मीर: आतंकवादियों ने पुलिस कांस्टेबल की पत्नी और बेटी पर गोलियां चलाईं, दोनों जख्मी     ||   पेगासस मामला: दुनिया के 14 बड़े नेताओं की भी की गई जासूसी, PM इमरान समेत कई अन्य का लिस्ट में नाम     ||   जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट केस: कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद की पत्नी के खिलाफ गैर जमानती वॉरंट जारी     ||   पेगासस मामला: शिवसेना ने की जेपीसी जांच की मांग, कहा- यह हमला आपातकाल से भी बदतर     ||   महाराष्ट्र सरकार ने भी HC से कही थी ऑक्सीजन की कमी से मौत ना होने की बात- अमित मालवीय     ||   नवजोत सिंह सिद्धू के आवास पर पहुंचे 62 MLA, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष बोले- बदलाव की बयार     ||   राम मंदिर ट्रस्ट में भी उठे जमीन खरीद पर सवाल, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट     ||   यूपीः बसपा से बागी हुए 9 विधायक आज अखिलेश यादव से करेंगे मुलाकात     ||   वैक्सीन विवाद पर अखिलेश यादव बोले, पहले यूपी की सारी जनता को लग जाए, फिर मैं लगवा लूंगा     ||

कोविशिल्ड लगवाने वालों को भी नहीं मिलेगा ग्रीन सिग्नल! , EU ने दिया भारत के टीकाकरण अभियान को झटका

अंग्वाल न्यूज डेस्क
कोविशिल्ड लगवाने वालों को भी नहीं मिलेगा ग्रीन सिग्नल! , EU ने दिया भारत के टीकाकरण अभियान को झटका

नई दिल्ली । जहां भारत सरकार ने हाल के दिनों में कोरोना वायरस से लड़ने में अपने टीकाकरण अभियान (Coronavirus Vaccination) को लेकर एक विश्व रिकॉर्ड बनाया है , वहीं भारत के टीकाकरण अभियान को यूरोपियन यूनियन ने बड़ा झटका दे दिया है । असल में , इस तरह के संकेत मिले हैं कि भारत में कोविशिल्ड वैक्सीन लगवाने वाले यात्रियों को भी यूरोपीय यूनियन अपने यहां आने का ग्रीन सिग्नल नहीं देगी । हालांकि कोवैक्सीन को लेकर पहले से आपत्ति जताई जा चुकी है । असल में यूरोपियन यूनियन ने वैक्सीन पासपोर्ट यानी ग्रीन पास लिस्ट में कोविशील्ड को शामिल नहीं किया गया है । 

बता दें कि देश में इस समय सबसे बड़ी मात्रा में कोवैक्सीन और कोविशिल्ड वैक्सीन लगाई जा रहीं हैं । करोड़ों लोगों को ये वैक्सीन लग चुकी है , जबकि अब रूस की स्पूतनिक से भी टीकाकरण अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है । इस सबके बीच पिछले दिनों कोवैक्सीन को लेकर विवाद खड़ा हुआ था , जब इसे WHO से मान्यता नहीं मिलने का मुद्दा उठा था । 

इससे इतर , पिछले दिनों यूरोपीय संघ (EU) ने कहा था कि सदस्य देश कोरोना वायरस वैक्सीन (Coronavirus Vaccine) के प्रकार की परवाह किए बिना प्रमाण पत्र यानी ग्रीन पास जारी कर सकते हैं । लेकिन अब EU की यह सोच बदलती नजर आ रही है । संकेत मिल रहे हैं कि ईयू-वाइड मार्केटिंग ऑथराइजेशन प्राप्त टीका लगवाने वालों को ही ग्रीन पास दिया जाएगा । यानी 1 जुलाई से EU के सभी सदस्य देशों में डिजिटल COVID प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा , जिसे ग्रीन पास के रूप में भी जाना जाता है । .


विदित हो कि यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने अब चार टीकों को मंजूरी दी गई है, जिन्हें लगवाने वाले लोगों को ही यूरोपीय संघ के सदस्य देशों द्वारा ग्रीन पास जारी किया जा सकता है।

यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ईएमए ने फाइजर/बायोएनटेक की कॉमिरनाटी, मॉडर्ना, एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वेक्सजेरविरिया और जॉनसन एंड जॉनसन की जेनसेन को मंजूरी दी है। 

भारत में निर्मित कोविशील्ड (Covishield) को अभी तक ईएमए (EMA) द्वारा मान्यता नहीं दी गई है, जबकि वैक्सजेवरिया और कोविशील्ड दोनों ही एस्ट्राजेनेका-ऑक्सफोर्ड की वैक्सीन हैं . भारत में कोविशील्ड की निर्माण पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंजूरी दे दी है ।

Todays Beets: