Wednesday, June 26, 2019

Breaking News

   अमित शाह बोले - साध्वी प्रज्ञा ठाकुर के गोसडे पर दिए बयान से भाजपा का सरोकार नहीं    ||   भाजपा के संकल्प पत्र में आतंकवाद और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का वादा     ||   सुप्रीम कोर्ट ने लोकसभा चुनाव में ईवीएम और वीवीपैट के मिलान को पांच गुना बढ़ाया    ||    दिल्लीः NGT ने जर्मन कार कंपनी वोक्सवैगन पर 500 करोड़ का जुर्माना ठोंका     ||    दिल्लीः राहुल गांधी 11 मार्च को बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे     ||    हैदराबाद: टीका लगाने के बाद एक बच्चे की मौत, 16 बीमार पड़े     ||   मध्य प्रदेश के ब्रांड एंबेसडर होंगे सलमान खान, CM कमलनाथ ने दी जानकारी     ||   पाकिस्तान को FATF से मिली राहत, ग्रे लिस्ट में रहेगा बरकरार     ||   आय से अधिक संपत्ति केसः हिमाचल के पूर्व CM वीरभद्र सिंह के खिलाफ आरोप तय     ||   भीमा-कोरेगांव केसः बॉम्बे HC ने आनंद तेलतुंबड़े की याचिका पर सुनवाई 27 तक टाली     ||

सोशल मीडिया पर नजर रखने वाले प्रस्ताव पर सरकार ने लिया यू टर्न, अधिसूचना ली वापस

अंग्वाल न्यूज डेस्क
सोशल मीडिया पर नजर रखने वाले प्रस्ताव पर सरकार ने लिया यू टर्न, अधिसूचना ली वापस

नई दिल्ली। पूरे देश में सोशल मीडिया पर रखने के लिए बनाए जाने वाले ‘सोशल मीडिया हब’ पर सरकार ने यू टर्न ले लिया है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को इस बात की जानकारी देते हुए अपनी अधिसूचना वापस ले ली। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट, तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा के द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रहा था। महुआ मोइ़त्रा ने अपनी याचिका में कहा था कि सरकार इस हब के जरिए देश के नागरिकों के सोशल मीडिया पर नजर रखने के लिए एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करेगी। उन्होंने इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग की थी। 

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, जस्टिस खानविल्कर और जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि सरकार ने जब सोशल मीडिया हब बनाने वाले प्रस्ताव की अधिसूचना ही वापस ले रही है तो इससे जुड़ी याचिकाओं का कोई मतलब नहीं रह जाता है। ऐसे में उन्होंने सभी याचिकाओं को निस्तारित कर दिया। 


ये भी पढ़ें - रियाद से मुंबई आ रहे जेट एयरवेज का बड़ा हादसा टला, रनवे से उतरा नीचे

यहां बता दें कि पहले सरकार ने सोशल मीडिया की आॅनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सोशल मीडिया हब बनाने की बात कही थी। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि सरकार लोगों की आॅनलाइन गतिविधियों पर नजर रखने के लिए इसे एक औजार के तौर पर इस्तेमाल करेगी। उन्होंने इस प्रस्ताव को रद्द करने की मांग भी की थी। गौर करने वाली बात है कि सुप्रीम कोर्ट ने 13 जुलाई को इस याचिका को स्वीकार करते हुए सरकार से पूछा था कि इस तरह के हब बनाने के पीछे उसका मकसद लोगों की सोशल मीडिया पर नजर रखना है। कोर्ट ने इसे ‘सर्विलांस स्टेट’ बनाने जैसा कदम बताया था।  

Todays Beets: