Monday, July 22, 2019

Breaking News

   सूरत: सभी मोदी चोर कहने का मामला, 10 अक्टूबर को हो सकती है राहुल गांधी की पेशी     ||   मुंबई: इमारत गिरने पर बोले MIM नेता वारिस पठान- यह हादसा नहीं, हत्या है     ||   नीरज शेखर के इस्तीफे पर बोले रामगोपाल यादव- गुरु होने के नाते आशीर्वाद दे सकता हूं     ||   लखनऊ: खनन घोटाले में ED ने पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रजापति से पूछताछ की     ||   पोंजी घोटाला: पूछताछ के बाद बोले रोशन बेग- हज पर नहीं जा रहा, जांच में करूंगा सहयोग    ||    संसदीय दल की बैठक में PM मोदी ने कहा- जरूरत पड़ी तो सत्र बढ़ाया जा सकता है     ||   केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बताया- सुप्रीम कोर्ट में जजों की कमी नहीं    ||    AAP नेता इमरान हुसैन ने बीजेपी नेता विजय गोयल और मनजिंदर सिंह सिरसा के खिलाफ की शिकायत    ||   राहुल गांधी के इस्तीफे पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा- जय श्रीराम    ||   यूपी सरकार का 17 जातियों को SC की लिस्ट में डालने का फैसला असंवैधानिक: थावर चंद गहलोत    ||

दिवाली के मौके पर अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के आदेश, वरिष्ठ डाॅक्टर रहेंगे मौजूद

अंग्वाल न्यूज डेस्क
दिवाली के मौके पर अस्पतालों को अलर्ट पर रहने के आदेश, वरिष्ठ डाॅक्टर रहेंगे मौजूद

नई दिल्ली। दिवाली के मौके पर खतरा को देखते हुए सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है। दिवाली पर अक्सर पटाखों से झुलसने के मामले अस्पतालों में आते हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि इस बार पटाखों पर प्रतिबंध लगने से ऐसे हादसे कम होने की उम्मीद है। सेंट्रल दिल्ली स्थित केंद्र सरकार के राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न विभाग को अलर्ट पर रखा गया है। दिवाली के अगले दिन अस्पताल के आॅपरेशन थिएटर को 24 घंटे के लिए खुला रखने का आदेश दिया गया है।

गौरतलब है कि राम मनोहर लोहिया अस्पताल के बर्न विभाग के डाॅक्टर का कहना है कि जलने वाले केस से निपटने के लिए दवा और खून का इंतजाम पहले से ही कर लिया गया है। आईसीयू में 2 बेड सुरक्षित कर दिए गए हैं। गौर करने वाली बात है कि पिछले साल दिवाली और उसके बाद करीब 50 से 60 मामले सामने आए थे। 

ये भी पढ़ें - रालोसपा नेता की तल्खी नहीं हो रही कम, बढ़ी लोकप्रियता के हिसाब से मांगी सीटें


यहां बता दें कि सफदरजंग अस्पताल के डाॅक्टरों का कहना है कि बर्न डिपार्टमेंट के साथ आंखों और सांस की परेशानी से जुड़े सीनियर डॉक्टर भी अस्पताल में मौजूद रहेंगे। कई बार ऐसे केस आते हैं, जिनमें पटाखों से निकलने वाला बारूद आंख में चली जाती है और हालत गंभीर हो जाती है। ऐसे में अस्पताल में सीनियर आॅप्थमोलाॅजिस्ट की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।

गौर करने वाली बात है कि अस्थमा के मरीजों को भी धुएं से काफी परेशानी होती है अस्पतालों में उनसे निपटने की भी तैयारी की गई है। लोकनायक अस्पताल के अलावा डीडीयू, डॉ. भीमराव आंबेडकर, डॉ. हेडगेवार, लाल बहादुर शास्त्री और महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में भी इमरजेंसी व्यवस्था की गई है। दिल्ली के चाचा नेहरू अस्पताल और जीटीबी में भी इसके लिए इंतजाम किए गए हैं। 

Todays Beets: