Wednesday, May 25, 2022

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हिंदी पर ''बिंदी'' को लेकर ''भिड़े'' अजय देवगन - किच्चा सुदीप , कहीं ये गैरहिंदी फिल्मों के वर्चस्व से उपजा विवाद तो नहीं!

अंग्वाल न्यूज डेस्क
हिंदी पर

नई दिल्ली । हिन्दी को लेकर बॉलीवुड स्टार अजय देवगन और कन्नड़ फिल्म अभिनेता किच्चा सुदीप के बीच सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही है. बड़ी संख्या में लोग हिन्दी के राष्ट्रीय भाषा होने न होने को लेकर अपनी-अपनी राय रख रहे हैं, वहीं इस पर भी चर्चा कर रहे हैं किस बयान से कौन अभिनेता किस पर भारी पड़ा. इसे लेकर सियासत भी गर्मा गई है, कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को इस मामले में सुदीप का पक्ष लेकर विवाद को और हवा दे दी है. ऐसे में ये सवाल भी उठने लगे हैं कि हिन्दी पर विवाद सियासी मुद्दा है या फिर बॉलीवुड पर भारी पड़ी गैर-हिन्दी भाषी फिल्मों का नतीजा.

कैसे शुरू हुआ विवाद

दरअसल, कन्नड़ फिल्म अभिनेता-प्रोड्यूसर किच्चा सुदीप ने हाल ही में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने के दौरान कहा था कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है. हिन्दी को लेकर यह टिप्पणी अजय देवगन को पसंद नहीं आई और उन्होंने बुधवार को ट्विटर पर सुदीप से एक सवाल दाग दिया कि अगर हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा नहीं है तो अपनी फिल्मों को हिन्दी में डब करके क्यों चलाते हैं. इस पर सुदीप ने पहले तो सफाई दी कि उनका किसी भाषा का अपमान करने का कोई इरादा नहीं था, उनकी बात को गलत ढंग से पेश किया गया है. लेकिन साथ ही देवगन से उल्टा सवाल भी दाग दिया कि उन्होंने ट्विटर पर जो टेक्स्ट लिखा है, वो तो हिन्दी के प्रति सम्मान और उसे सीखने-जानने के कारण उन्हें समझ में आ रहा है. लेकिन अगर वह अपना जवाब कन्नड़ में लिख दें तो क्या वह (अजय देवगन) इसे समझ पाएंगे. इसके बाद से ही यह मुद्दा सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बना हुआ है.


फिल्म के प्रचार का एजेंडा तो नहीं

हिन्दी भाषा को लेकर उत्तर-दक्षिण भारत के बीच विवाद कोई नई बात नहीं है. ऐसे में अजय देवगन का इस समय मुद्दे को उठाना कहीं न कहीं ये सवाल जरूर खड़े करता है, कहीं ये सब वो अपनी फिल्म को सुर्खियों में लाने के लिए तो नहीं कर रहे हैं. गौरतलब है कि अजय देवगन की फिल्म ‘रनवे-34’ इस शुक्रवार यानी 29 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है. हाल में इसके प्रोमोशन के दौरान उन्होंने इस फिल्म को लेकर सलमान खान को फोन करने का जिक्र भी किया. उन्होंने बताया कि आम तौर पर सलमान अपनी फिल्म ईद पर रिलीज करते हैं, और फिल्म की रिलीज डेट ईद के आसपास होने को लेकर उन्होंने सलमान को फोन करके पूछा था कि उन्हें इससे कोई दिक्कत तो नहीं है. गौरतलब है कि सलमान खान खुद भी इस फिल्म को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रोमोट कर चुके हैं.

आखिर गैर-हिन्दी भाषी से बॉलीवुड को डर क्यों

गैर-हिन्दी भाषी फिल्में बॉलीवुड पर किस कदर भारी पड़ती जा रही हैं, इसका अंदाजा पिछले कुछ महीनों में पुष्पा, आरआरआर और केजीएफ जैसी फिल्मों से ही लगाया जा सकता है. हाल में रिलीज केजीएफ-2 इस समय हिन्दी भाषी क्षेत्रों में कमाई के नए रिकॉर्ड बना रही है. अजय देवगन और किच्चा सुदीप के बीच हिन्दी को लेकर छिड़ी बहस के बीच बॉलीवुड से जिस तरह की प्रतिक्रिया आई है, वो कहीं न कहीं गैर-हिन्दी भाषी फिल्मों के भारी पड़ने को लेकर उसकी चिंता को जाहिर करती है. बॉलीवुड से जुड़े संगठन एफडब्ल्यूआईसीई के अध्यक्ष बी.एन. तिवारी ने एक बयान जारी कर सुदीप के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया है. वहीं, उन्होंने यह तक कह डाला कि सुदीप अगर अपनी बात पर अड़े रहते हैं तो हमें उनकी और साउथ की अन्य फिल्मों के उत्तर भारत में वॉर्म वेलकम पर फिर से विचार करना होगा.

सियासी बयानबाजी का भी लगा तड़का

सोशल मीडिया पर बुधवार से जारी इस बहस में गुरुवार को कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और जेडीएस नेता एच.डी. कुमार स्वामी भी कूद पड़े. उन्होंने सुदीप का समर्थन करते एक के बाद एक सात ट्वीट किए. उन्होंने कहा कि सुदीप के इस बयान में कुछ भी गलत नहीं है कि हिन्दी हमारी राष्ट्र भाषा नहीं है. अजय देवगन इस मुद्दे को उठाकर केवल अपने आक्रामक व्यवहार का ही परिचय दे रहे हैं. कन्नड़, तेलुगु, तमिल, मलयालम और मराठी आदि की तरह ही हिन्दी भी एक भाषा है...और केवल इस आधार पर हिन्दी को राष्ट्रभाषा नहीं माना जा सकता कि एक बड़ी आबादी हिन्दी भाषी है. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि केंद्र में शासन करने वाले अधिकांश हिन्दी भाषी राजनीतिक दल हमेशा से ही क्षेत्रीय भाषाओं को चोट पहुंचाने के प्रयास करते रहे हैं.

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