Thursday, February 25, 2021

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PM MODI बोले - देशवासी एक लिस्ट बनाएं , हम क्या स्वदेशी इस्तेमाल करते हैं और क्या विदेशी , फिर समझ आएगा

अंग्वाल न्यूज डेस्क
PM MODI बोले - देशवासी एक लिस्ट बनाएं , हम क्या स्वदेशी इस्तेमाल करते हैं और क्या विदेशी , फिर समझ आएगा

नई दिल्ली । पीएम मोदी ने गुरुवार को भाजपा के विचारक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर अपनी पार्टी के सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा के इस विचारक की सोच आज भी प्रासंगिक हैं । दीनदयाल जी इस बात के बहुत बड़े उदाहरण हैं कि एक नेता को सामाजिक जीवन में कैसा होना चाहिए और भारत के लोकतन्त्र और मूल्यों को कैसे जीना चाहिए। इस दौरान उन्होंने देशवासियों से कहा कि आप एक लिस्ट बनाएं कि सुबह उठने से लेकर सोने तक कितनी स्वदेशी और कितनी विदेशी चीजों का इस्तेमाल करते हैं । 

पीएम मोदी ने देशवासियों से अपील करते हुए कहा कि आप अपने परिवार के साथ बैठें और लिस्ट बनाएं कि आप दिनभर में कितनी स्वदेशी और विदेशी चीजों का इस्तेमाल करते हैं । साथ ही आप खुद भी स्वदेशी अपनाएं और लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें । इस दौरान उन्होंने कहा - लोकल इकॉनमी पर विजन इस बात का प्रमाण है कि पूराने दौर में भी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की सोच कितनी प्रैक्टिकल और व्यापक थी । आज ‘वोकल फॉर लोकल’ के मंत्र से देश इसी विजन को साकार कर रहा है । आज आत्मनिर्भर भारत अभियान देश के गांव-गरीब, किसान, मजदूर और मध्यम वर्ग के भविष्य निर्माण का माध्यम बन रहा है।

इस दौरान उन्होंने कहा - आज हम सभी दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर अनेक चरणों में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्र हुए हैं । पहले भी अनेकों अवसर पर हमें दीनदयाल जी से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल होने का, विचार रखने का और अपने वरिष्ठजनों के विचार सुनने का अवसर मिलता रहा है । मेरा अनुभव है और आपने भी महसूस किया होगा कि हम जैसे-जैसे दीनदयाल जी के बारे में सोचते हैं, बोलते हैं, सुनते हैं, उनके विचारों में हमें हर बार एक नवीनता का अनुभव होता है । 


उन्होंने कहा - हमारे शास्त्रों में कहा गया है- 'स्वदेशो भुवनम् त्रयम्' अर्थात, अपना देश ही हमारे लिए सब कुछ है, तीनों लोकों के बराबर है । जब हमारा देश समर्थ होगा, तभी तो हम दुनिया की सेवा कर पाएंगे । एकात्म मानव दर्शन को सार्थक कर पाएंगे।  कोरोना काल में देश ने अंत्योदय की भावना को सामने रखा और अंतिम पायदान पर खड़े हर गरीब की चिंता की । आत्मनिर्भरता की शक्ति से देश ने एकात्म मानव दर्शन को भी सिद्ध किया, पूरी दुनिया को दवाएं पहुंचाईं और आज वैक्सीन पहुंचा रहा है ।

वह बोले - वर्ष 1965 में भारत-पाक युद्ध के दौरान भारत को हथियारों के लिए विदेशी देशों पर निर्भर रहना पड़ा । उस दौरान दीनदयाल जी ने कहा था कि हमें एक ऐसे भारत का निर्माण करने की आवश्यकता है, जो न केवल कृषि में आत्मनिर्भर हो, बल्कि रक्षा और हथियार में भी हो । आज, भारत रक्षा क्षेत्र में मेड इन इंडिया हथियारों और लड़ाकू जेट जैसे तेजस में देखा जा रहा है ।

पीएम मोदी ने कहा - हमारी पार्टी, हमारी सरकार आज महात्मा गांधी के उन सिद्धांतों पर चल रही है जो हमें प्रेम और करुणा के पाठ पढ़ाते हैं । हमने बापू की 150वीं जन्मजयंती भी मनाई और उनके आदर्शों को अपनी राजनीति में, अपने जीवन में भी उतारा है। 

इस दौरान विपक्षी दलों को लेकर पीएम मोदी ने कहा - हमारे राजनीतिक दल हो सकते हैं, हमारे विचार अलग हो सकते हैं, हम चुनाव में पूरी शक्ति से एक दूसरे के खिलाफ लड़ते हैं पर इसका मतलब ये नहीं कि हम अपने राजनीतिक विरोधी का सम्मान ना करें । 

वह बोले - प्रणव मुखर्जी, तरुण गोगोई, एससी जमीर इनमें से कोई भी राजनेता हमारी पार्टी या फिर गठबंधन का हिस्सा कभी नहीं रहे, लेकिन राष्ट्र के प्रति उनके योगदान का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है । राजनीतिक अस्पृश्यता का विचार हमारा संस्कार नहीं है । आज देश भी इस विचार को अस्वीकार कर चुका है. हमारी पार्टी में वंशवाद को नहीं कार्यकर्ता को महत्व दिया जाता है। 

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