Friday, August 19, 2022

Breaking News

   टेस्ला के मालिक एलन मस्क को कोर्ट में घसीटने की तैयारी, ट्विटर संग होगी कानूनी जंग    ||   गोवा में कांग्रेस पर सियासी संकट! सोनिया ने खुद संभाला मोर्चा    ||   जयललिता की पार्टी में वर्चस्व की जंग हारे पनीरसेल्वम, हंगामे के बीच पलानीस्वामी बने अंतरिम महासचिव     ||   देशभर में मानसून एक्टिव हो गया है और ज्यादातर राज्यों में जोरदार बारिश हो रही है. भारी बारिश ने देश के बड़े हिस्से में तबाही मचाई है    ||   अगले साल अंतरिक्ष जाएंगे भारतीय , एक या दो भारतीयों को भेजने की योजना है     ||   कोरोना से 24 घंटे में 16678 लोग हुए संक्रमित     ||   उद्धव ठाकरे ने विधायकों को लिखी भावुक चिट्ठी     ||   सुप्रीम कोर्ट मे विजय माल्या का बड़ा झटका, अवमानना मामले में दोषी करार     ||   सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में विधायकों की अयोग्यता पर फैसला लेने से स्पीकर को रोका     ||   मुठभेड़ में एक आतंकी मारा गया, कुलगाम में बैंक मैनेजर की हत्या में शामिल था: IGP कश्मीर     ||

खुलासा - 42% लोग पिछले 3 सालों में हुए फाइनेंशियल फ्रॉड के शिकार , 74 फीसदी को वापस नहीं मिल पाई उनकी रकम

अंग्वाल न्यूज डेस्क
खुलासा - 42% लोग पिछले 3 सालों में हुए फाइनेंशियल फ्रॉड के शिकार , 74 फीसदी को वापस नहीं मिल पाई उनकी रकम

नई दिल्ली । केंद्र में मोदी सरकार के आने के साथ ही देश में तेजी से डिजिटल लेन देन बढ़ा है । इसकी मदद से जहां लोगों को कई तरह की सुविधाएं हो गई हैं , वहीं कुछ साइबर अपराधियों को इसके जरिए लोगों को ठगने का एक नया धंधा मिल गया है । हाल में हुए एक सर्वे में यह बात सामने आई है कि पिछले तीन सालों में देश के करीब 42 फीसदी लोगों को किसी न किसी रूप में फाइनेंशियल फ्रॉड का सामना करना पड़ा है । इसमें चौंकाने वाली एक बात यह भी है कि इन लोगों में से 74 फीसदी लोग ऐसे हैं , जिन्हें इस धोखाधड़ी के दौरान गवाई गई रकम वापस नहीं मिल सकी है । 

29 फीसदी शेयर करते हैं डेबिट कार्ड का पिन

बता दें कि लोकलसर्किल्स का यह सर्वे हाल में सामने आया है , जिसमें देश के भीतर पिछले तीन सालों में फाइनेंशियल फ्रॉड ( Digital Online Transaction Fraud ) को लेकर आंकड़े पेश किए गए हैं । हालांकि सामने आया है कि यह सर्वे अक्टूबर 2021 में किया था , जिसमें यह पाया गया कि देश के करीब 29 फीसदी लोग अपने एटीएम डेबिट कार्ड का पिन अपने रिश्तेदारों को बताकर रखते हैं । करीब 4 प्रतिशत लोग अपने घरेलू या फिर दफ्तर के स्टाफ के साथ यह पिन साझा करते हैं । 

33 फीसदी लोग अपने कंप्यूटर में करते हैं जानकारी सेव

इस सर्वे में यह बात सामने निकलकर आई है कि देश के करीब 33 फीसदी लोग अपने बैंक खाते, डेबिट या क्रेडिट कार्ड और एटीएम पासवर्ड, आधार, पैन नंबर को अपनी ईमेल या फिर अपने कंप्यूटर में सेव करके रखते हैं ताकि समय आने वह तुरंत इसे किसी को दे सकें या इसका इस्तेमाल कर सकें । एक चौंकाने वाला आंकड़ा यह भी सामने आया कि करीब 11 फीसदी लोगों ने अपनी याददाश्त पर भरोसा न करते हुए अपने इस तरह के डाटा को अपने मोबाइल की कॉटैक्ट लिस्ट में स्टोर किया हुआ है ।  


मात्र 17 फीसदी की हो पाती है रिकवरी 

इस सर्वे की रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि लोगों के सामने इस तरह की धोखाधड़ी के सबसे ज्यादा मामले बैंक अकाउंट फ्रॉड, फ्लाई बाय नाइट ई-कॉमर्स ऑपरेटर्स, क्रेडिट-डेबिट कार्ड फ्रॉड के रहे हैं । देश के केंद्रीय बैंक आरबीआई RBI द्वारा लगातार लोगों को इस तरह की घोखाधड़ी से बचने के लिए आगाह करने के बावजूद लोग छोटी छोटी गलती करते आर्थिक नुकसान को सहते हैं । आरबीआई यह भी कहता है कि अगर आप ज्द से जल्द इस धोखाधड़ी की जानकारी अपने बैंक को देते हैं तो आपको नुकसान होने की आशंका उतनी ही कम रहती है । बावजूद इसके मात्र 17 फीसदी लोग ही समय रहते इस धोखाधड़ी की जानकारी बैंक को दे पाते हैं , जिसके चलते उनका गंवाया हुआ पैसा उन्हें वापस मिल पाता है । 

लोगों को लग रही बड़ी चपत

माइक्रोसॉफ्ट 2021 ग्लोबल टेक सपोर्ट स्कैम रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक 2021 में भारत में उपभोक्ताओं ने 69 फीसदी ऑनलाइन फ्रॉड का सामना किया है । RBI के डाटा के मुताबिक 2021-22 में 60,414 करोड़ रुपये का फाइनेंशियल फ्रॉड हुआ। 

Todays Beets: